खबर
Top News

घाट चढ़ी तो सागर में गले-गले डूबी सरकार: बालाघाट और सागर तक राजनेता व नौकरशाही विफल

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 सितंबर 2026, 2:06 pm
शेयर करें:
घाट चढ़ी तो सागर में गले-गले डूबी सरकार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश सरकार एक संकट से निकलती है तो दूसरा संकट सामने खड़ा हो जाता है। बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत और अब सागर में कथित जहरीली शराब से मौतों ने सरकार, नौकरशाही और स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बालाघाट में दुर्गम बैगा इलाकों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं और इलाज नहीं पहुंच सका। सागर में जहरीली शराब ने लोगों की जान ले ली। दोनों घटनाओं में सवाल एक ही है- सिस्टम तब क्यों जागा, जब मौतें हो गईं?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे समय सक्रिय नजर आते हैं, लेकिन वह अकेले कब तक व्यवस्था संभालेंगे? जिस नौकरशाही और अपने नेताओं के भरोसे मुख्यमंत्री हैं, वही हर समय संकट का कारण बनी पाई जाती है और उसके किए धरे की कीमत मुख्यमंत्री के खाते में जमा हो जाती है।

हालांकि मुख्यमंत्री सिस्टम में कसावट लाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे, फिर भी बेहतर सलाहकारों की कमी से व्यवस्था गैर जिम्मेदारी के रास्ते पर चल रही है। सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने वाली नौकरशाही और स्थानीय विधायक-सांसदों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

समस्या केवल अधिकारियों को हटाने या जांच बैठाने से खत्म नहीं होगी। जरूरत इस बात की है कि जिम्मेदारी तय हो और ऐसा सिस्टम बने, जो हादसे के बाद नहीं, हादसे से पहले सक्रिय नजर आए।

अब बालाघाट और इसके जैसे इलाकों को वहां की जरूरत और प्राकृतिक संतुलन के हिसाब से विकसित किया जाना जरूरी है। शराब के सागर से प्रदेश को उभारा जाए, शराबबंदी के लिए फिर से वातावरण तैयार होना चाहिए। नशा मुक्ति की तरह शराबबंदी भी जरूरी है। नहीं तो प्रजा और सरकार इसी तरह शराब के सागर में डूबती रहेगी।

बालाघाट में बच्चों की मार्मिक और असमय हुई मृत्यु से सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बदनाम होना पड़ा है। बालाघाट हो या झाबुआ या मंडल अथवा डिंडोरी, इनका संतुलित या टिकाऊ विकास भाजपा की बीते 18 बरस की सरकार में नहीं हो पाया।

इस समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ढाई वर्ष में सुदूर दुर्गम आदिवासी इलाकों में बेहतर सुविधाएं उनके जिम्मेदार मंत्री और अफसर खड़ी नहीं कर पाए। केंद्र और राज्य की सरकारों को एक्सप्रेस हाईवे और स्टेट हाईवे से निकलकर या थोड़ी फुरसत पाकर दुर्गम इलाकों में जीने योग्य जरूरी सुविधाओं का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए, जो अभी तक की सरकारों की प्राथमिकता में होते हुए भी नहीं रहा है। यानी विकास भ्रष्टाचार का पर्याय बना हुआ है।

केंद्र की टीम के अनुसार अब तक 32 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, लेकिन यही आंकड़े एक दूसरा सवाल भी खड़ा करते हैं। अगर हजारों लोगों की स्क्रीनिंग, हजारों बच्चों का टीकाकरण और सैकड़ों जलस्रोतों की सफाई मौतों के बाद तेज करनी पड़ी, तो क्या यह कार्रवाई पहले नहीं हो सकती थी?

असली सवाल इससे आगे का है- अगर ये बीमारियां पहचानी और इलाज योग्य थीं, तो दूरदराज के बैगा गांवों तक स्वास्थ्य व्यवस्था समय पर क्यों नहीं पहुंच सकी? आदिवासी बहुल दूर-दराज के ऐसे इलाकों में आजादी के 80 बरस बाद भी पहुंच मार्ग तक सरकार से नहीं बन पाए हैं।

दुर्गम इलाकों तक सुविधा पहुंच नहीं पाती या बेहद चुनौतीपूर्ण तरीके से पहुंचानी होती है, जैसा कि डिंडोरी क्षेत्र के जनजातीय विषयों के जानकार और जनजाति शोधकर्ता दीपांशु धुर्वे कहते हैं कि बालाघाट हो या मंडला, डिंडोरी... सभी जगह विकास के नाम पर आने वाला पैसा भ्रष्टाचार का पर्याय बना हुआ है।

जिले के मुखिया से लेकर पंचायत तक प्रशासनिक तंत्र के हालात चिंताजनक हैं। बालाघाट के इन इलाकों में और ऐसे ही अन्य कई क्षेत्र हैं, जहां पहुंच मार्ग के नाम पर पगडंडी है। गांव और फलिया दूर इलाकों में फैले हैं। राजनेता चुनाव जीतकर सिर्फ ऐशो-आराम में डूबे रहते हैं। सरकारी तंत्र के ऐसे गैर जिम्मेदारीपूर्ण हालात इंदौर के भागीरथपुरा से लेकर बालाघाट तक जगह-जगह जड़ें जमाए हुए हैं।

अभी तक इसे प्रशासन की लापरवाही से हुई मौतें कहना जांच पूरी होने से पहले जल्दबाजी होगी, लेकिन समय पर सूचना न मिलना, दुर्गम गांवों में स्वास्थ्य निगरानी की कमजोरी और दो जिला अधिकारियों को हटाया जाना प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न जरूर खड़े करता है।

क्या बड़े प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?.... अभी उपलब्ध रिपोर्टों में कलेक्टर या जिला प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी को हटाने की पुष्टि नहीं मिलती, बल्कि 27 अगस्त को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने अलग से जांच शुरू की। स्वास्थ्य, मलेरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास तथा जनजातीय विभाग की भूमिका और संभावित चूक की जांच के लिए रिकॉर्ड मांगे।

जब स्वास्थ्य विभाग को तीन बच्चों की मौत के बाद घटना की जानकारी मिली, तो क्या यह केवल दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों की समस्या थी या सरकारी निगरानी तंत्र की विफलता? सरकार ने जिला टीकाकरण और मलेरिया अधिकारियों को तो हटा दिया, लेकिन क्या उस समय की निगरानी व्यवस्था के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी?

एक और महत्वपूर्ण तथ्य है कि सितंबर की शुरुआत तक सरकार बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग, अतिरिक्त एमआर टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य उपाय कर रही थी, जबकि विपक्ष ने स्वास्थ्य, पोषण और मूलभूत सेवाओं की विफलता को लेकर जवाबदेही मांगी है।

बालाघाट के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को बच्चों की मौतों की जानकारी तीन बच्चों की मौत के बाद मिली। प्रभावित गांव अत्यंत दुर्गम थे और स्वास्थ्य टीमों को वहां पहुंचने में कठिनाई हुई। बाद में कुछ परिवार बच्चों को अस्पताल भेजने के लिए तैयार नहीं थे और पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

22 अगस्त को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कार्रवाई करते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी को पद से हटाने के निर्देश दिए। रिपोर्ट के अनुसार जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप और जिला मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा को हटाया गया। सरकार ने कहा कि जांच में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

कुपोषण ने बीमारी को कितना घातक बनाया?
केंद्र की स्क्रीनिंग में 7,711 बच्चों में गंभीर कुपोषण पाया गया, जिनमें 518 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया गया। 13,406 बच्चों में डायरिया और 274 में गंभीर निमोनिया की पहचान हुई। इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला केवल संक्रमण का नहीं है। एक कमजोर और कुपोषित बच्चे के लिए खसरा या मलेरिया जैसी बीमारी कहीं ज्यादा खतरनाक साबित होती है।

दुर्गम, इसलिए बालाघाट नाम है
बालाघाट क्षेत्र सतपुड़ा पर्वतमाला और उसके घाटों वाला इलाका है। नाम का संबंध इसी भौगोलिक स्वरूप से जोड़ा जाता है। पुराने समय में यह क्षेत्र गोंड शासकों के प्रभाव में रहा और बाद में मराठा तथा ब्रिटिश प्रशासन के अधीन आया। ब्रिटिशकाल में 1867 में बालाघाट जिला बनाया गया। उस समय इसे भंडारा जिले से अलग करके प्रशासनिक इकाई के रूप में गठित किया गया था।

संबंधित समाचार

अधूरी तैयारियों पर भड़के कलेक्टर
Top News

अधूरी तैयारियों पर भड़के कलेक्टर:एसडीएम-तहसीलदारों को लगाई फटकार; बैठक बीच में छोड़कर चले गए

about 5 hours ago
देखिये वीडियो, 20 दिन में 13 मौतों से मचा हड़कंप
Top News

देखिये वीडियो, 20 दिन में 13 मौतों से मचा हड़कंप:जहरीली शराब से मौत का आरोप; प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सरकार को घेरा

about 5 hours ago
अवैध गांजे की खेती का खुलासा
Top News

अवैध गांजे की खेती का खुलासा:दो घरों के बाड़ों से हरे पौधे जब्त; 2 पर केस दर्ज

about 6 hours ago
मानवता को शर्मसार करने वाली घटना
Top News

मानवता को शर्मसार करने वाली घटना:ढाबे के सामने खुले मैदान में मिला एक दिन के नवजात का शव; सीसीटीवी से सुराग तलाश रही पुलिस

about 6 hours ago
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई
Top News

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई:22 वर्षीय आरोपी इंदौर से गिरफ्तार; भाई का इलाज कराने आया था, क्राइम ब्रांच ने दबोचा

about 6 hours ago
गुमटी की आड़ में चल रहा शराब का अवैध कारोबार
Top News

गुमटी की आड़ में चल रहा शराब का अवैध कारोबार:रेलवे क्रॉसिंग के पास खुलेआम बिक रहा देशी नशा

about 7 hours ago
करोड़ों रुपए का बैंक घोटाला
Top News

करोड़ों रुपए का बैंक घोटाला:जिंदा खाताधारकों को कागजों में मृत दिखाकर तोड़ी एफडी; असिस्टेंट मैनेजर सहित 3 गिरफ्तार

about 7 hours ago
बजरंग दल ने थाना घेरकर पुलिस को दिया अल्टीमेटम
Top News

बजरंग दल ने थाना घेरकर पुलिस को दिया अल्टीमेटम:सड़क पर उतरेगा संगठन

about 7 hours ago
वी वन अस्पताल और न्यू बोर्न केयर सेंटर पर प्रशासन ने की कार्रवाई
Top News

वी वन अस्पताल और न्यू बोर्न केयर सेंटर पर प्रशासन ने की कार्रवाई:अस्पताल के स्टोर रूम में रखी अपंजीकृत सोनोग्राफी मशीन सील; संचालक को नोटिस

about 7 hours ago
अधिवक्ताओं के बिल पास कराने के बदले मांगा जा रहा कमीशन
Top News

अधिवक्ताओं के बिल पास कराने के बदले मांगा जा रहा कमीशन

about 7 hours ago
भोपाल मास्टर प्लान पर लोगों ने दर्ज कराई 5000 आपत्तियां
Top News

भोपाल मास्टर प्लान पर लोगों ने दर्ज कराई 5000 आपत्तियां:आज रात 12 बजे तक और समय

about 7 hours ago
लव जिहाद का मामला
Top News

लव जिहाद का मामला:अदनान ने दोस्ती के बाद बनाए संबंध; धर्म परिवर्तन का बनाया दबाव, की मारपीट

about 7 hours ago
20 करोड़ के कार्यों की सौगात
Top News

20 करोड़ के कार्यों की सौगात:रोड व नर्मदा लाइन का भूमिपूजन

about 7 hours ago
5,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
Top News

5,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव:10 हजार से अधिक रोजगार की उम्मीद

about 7 hours ago
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग का मामला
Top News

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग का मामला:इंदौर से एक और संदिग्ध हिरासत में; 2 पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद

about 8 hours ago
इंदौर में बनेगा विकास का रोडमैप
Top News

इंदौर में बनेगा विकास का रोडमैप:सिंहस्थ महाकुंभ 2028 से पहले उज्जैन की तस्वीर बदलने की तैयारी

about 8 hours ago
रीजनल पार्क में नियमों को ताक पर रखकर सजा पटाखा बाजार
Top News

रीजनल पार्क में नियमों को ताक पर रखकर सजा पटाखा बाजार:खुलासा फर्स्ट की लगातार खबरों और मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद 41 थोक व्यापारियों के लाइसेंस रिन्यूअल

about 8 hours ago
डिप्टी CM के पूर्व OSD की चार्जशीट पर सवाल
Top News

डिप्टी CM के पूर्व OSD की चार्जशीट पर सवाल:रिश्वत का जिक्र नहीं; लोकायुक्त ने मांगी जांच रिपोर्ट

about 8 hours ago
क्रीसेंट वाटर पार्क के पास पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
Top News

क्रीसेंट वाटर पार्क के पास पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ:ग्रामीणों का दावा; दो दिन पहले देखा गया बड़ा और घायल तेंदुआ अब भी इलाके में सक्रिय

about 8 hours ago
23.73 ग्राम एमडी तस्करी में 5 हजार का इनामी तस्कर हुआ गिरफ्तार
Top News

23.73 ग्राम एमडी तस्करी में 5 हजार का इनामी तस्कर हुआ गिरफ्तार:थार की छत में चश्मे के बॉक्स से मिली थी ड्रग्स; पहले से हैं एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज

about 8 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!