कौन बैठा है तीन दिन से धरने पर: किस शंकराचार्य को मिला प्रशासन का नोटिस; क्या साबित करने को कहा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, प्रयागराज।
प्रयागराज में रथ रोकने के विरोध में धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में उन्हें 24 घंटे में यह साबित करने को कहा है कि वे ही असली शंकराचार्य हैं।
शिविर में पहुंचे अधिकारी
कल रात 12 बजे कानूनगो अनिल कुमार माघ मेला में शंकराचार्य के शिविर में पहुंचे। उन्होंने शंकराचार्य के शिष्यों से नोटिस लेने के लिए कहा। हालांकि, शिष्यों ने नोटिस लेने से मना कर दिया। कहा- इतनी रात में कोई नहीं हैं। सुबह लेकर आइएगा।
गेट पर चस्पा किया नोटिस
कानूनगो अनिल कुमार आज सुबह फिर शिविर में पहुंचे। वहां गेट पर ही नोटिस चस्पा कर दिया। नोटिस मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की ओर से जारी किया गया है।
यह लिखा है नोटिस में
नोटिस में बताया है कि शंकराचार्य पद को लेकर मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2022 को आदेश दिया था कि जब तक इस केस का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक किसी को भी शंकराचार्य घोषित नहीं किया जा सकता, न ही किसी का पट्टाभिषेक किया जा सकता है।
मामला अभी कोर्ट में लंबित
कोर्ट ने साफ कहा है कि इस पद पर किसी को बैठाने पर रोक लगी हुई है। इस मामले में अब तक कोई नया आदेश भी नहीं आया है और केस अभी भी कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद माघ मेले के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने शिविर में लगे बोर्ड पर खुद को “ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य” लिखा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ
मेला प्राधिकरण का कहना है कि यह काम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है, इसलिए उन्हें नोटिस दिया गया है।
माफी मांगने पर अड़े शंकराचार्य
दूसरी ओर शंकराचार्य अड़े हैं कि जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगेगा, तब तक वे आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फोन पर शंकराचार्य से बात की। कहा- मैं आपके साथ हूं, जल्द ही मिलने आऊंगा।
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