नाली खोदकर निर्माण करना भूल गए जिम्मेदार: बीमारियां फैलने का खतरा
KHULASA FIRST
संवाददाता

निगम की लापरवाही: जी-प्लस टू की अनुमति पर तान दिया चार मंजिला वृंदावन हॉस्टल, सांठगांठ कर अवैध निर्माण को संरक्षण देने का आरोप
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली का खुलासा छावनी क्षेत्र में हुआ है। छावनी थाने के ठीक सामने नगर निगम के कारिंदे नाली खोदकर उसका निर्माण करना ही भूल गए। इस खुली और अधूरी नाली के कारण ड्रेनेज का गंदा पानी चौबीसों घंटे सड़कों पर बह रहा है, जिससे समूचे क्षेत्र में मलेरिया समेत अन्य गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
15 दिनों से अमला निष्क्रिय और मूकदर्शक बना : स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार आवाज उठाए जाने के बावजूद निगम का अमला निष्क्रिय और मूकदर्शक बना हुआ है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि पिछले 15 दिनों से जनता इस नरकीय और दमघोंटू माहौल में जीने को मजबूर है।
चौबीसों घंटे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा : स्थानीय रहवासी अभिषेक अग्रवाल ने मामले की जमीनी हकीकत का खुलासा करते हुए बताया कि छावनी थाने के सामने खुली पड़ी नाली से चौबीसों घंटे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। दूषित पानी सीधे मुख्य सड़क पर जमा हो रहा है। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर, जोन अधिकारी और बिल्डिंग विभाग को बार-बार प्रत्यक्ष और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है।
आनन-फानन में ड्रेनेज का काम रोका
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब तीन दिन पहले जोन अधिकारी और ड्रेनेज अधिकारी अर्पित मालवीय तथा वार्ड क्रमांक 63 के पार्षद मृदुल अग्रवाल ने विवादित स्थल पर बैठक की और उसके बाद आनन-फानन में ड्रेनेज का काम बीच में ही रोक दिया गया।
निगम के भ्रष्टाचार की खुली गवाही दे रहा हॉस्टल
इस पूरे खेल के पीछे पास में ही बना ‘वृंदावन हॉस्टल’ है, जो निगम के भ्रष्टाचार की खुली गवाही दे रहा है। हॉस्टल को केवल जी-प्लस टू ग्राउंड फ्लोर और दो मंजिल की अनुमति दी गई थी, लेकिन सांठगांठ के बल पर इसे जी-प्लस फोर चार मंजिला बना दिया गया। ड्रेनेज की मुख्य लाइन तक नहीं डाली गई है।
निकासी की जो मुख्य नली की लाइन होती है, उसमें पाइप नहीं डाले गए। गंदा पानी सीधे इसी खुली नाली में छोड़ा जा रहा है, जिससे गंदगी बढ़ रही है। इस अवैध निर्माण और खुली नाली को बंद कराने के संबंध में जोनल अधिकारी आतिफ खान को भी लगातार सूचित किया गया, लेकिन कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
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