हत्या के बाद उज्जैन की तरफ भागे शूटर: मोबाइल बंद कर हुए गायब; विजय नगर थाने में हाईलेवल मीटिंग के बाद डीसीपी ने टीमों को किया रवाना
KHULASA FIRST
संवाददाता

लसूड़िया-विजय नगर समेत 5 टीमें अलर्ट, 3-4 संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भिंड के हिस्ट्रीशीटर ठेकेदार अवि उर्फ अवितेंद्र तोमर हत्याकांड में पुलिस और शूटरों के बीच अब हाईवोल्टेज पीछा शुरू हो गया है। हत्या के बाद शहर छोड़कर भागे बदमाशों की एक लोकेशन उज्जैन तरफ मिली, लेकिन इसके तुरंत बाद आरोपियों ने मोबाइल फिर बंद कर दिए और पुलिस की पकड़ से बाहर हो गए।
इधर, पूरे घटनाक्रम ने इंदौर पुलिस की नाकाबंदी और चेकिंग सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि सूत्रों के मुताबिक हत्या के कुछ देर बाद ही आरोपी पुलिस चेकिंग में रोके गए थे, लेकिन पुलिस जवान उनकी बेचैनी और हड़बड़ाहट समझ नहीं पाए और बदमाश वाहन छोड़कर फरार हो गए।
अब मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी जोन-2 अमनसिंह राठौड़ ने एडीसीपी अमरेंद्र सिंह, एसीपी पराग सैनी, टीआई लसूड़िया और अन्य अधिकारियों के साथ विजय नगर थाने में हाईलेवल मीटिंग कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को अलग-अलग दिशा में रवाना किया है। लसूड़िया, विजय नगर समेत 5 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, जबकि 3 से 4 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्याकांड अचानक नहीं हुआ, बल्कि महीनों की प्लानिंग के बाद अंजाम दिया गया। सूत्रों के मुताबिक भिंड में 2024 के चर्चित विष्णु यादव हत्याकांड के बाद दोनों पक्षों के बीच खूनी रंजिश सुलग रही थी।
इस हत्याकांड में अवि तोमर का नाम सामने आया था। उसी मामले में जेल जाने के बाद कुछ महीने पहले अवि जमानत पर बाहर आया और इंदौर में रहने लगा। वह यहां खुद को सुरक्षित मान रहा था, लेकिन दूसरी तरफ बदले की आग बुझी नहीं थी।
बताया जा रहा है कि विष्णु का भाई गुलशन यादव अपने साथियों के साथ अवि की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए था। जेल से छूटने के बाद से ही उसकी लोकेशन, दिनचर्या, आने-जाने के रास्ते और मिलने वालों की जानकारी जुटाई जा रही थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात के एक दिन पहले ही इंदौर पहुंच गए थे। उन्होंने शहर के एक होटल में ठिकाना बनाया और वहां से अवि की मूवमेंट ट्रैक करना शुरू कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध सुबह से ही अवि की गतिविधियों पर नजर रखता दिखाई दिया है।
आरोपी स्कीम-78 से अवि का पीछा कर रहे थे। गुरुवार रात जैसे ही मौका मिला, गुलाब बाग कॉलोनी स्थित पेट्रोल पंप के पास पूरी प्लानिंग के तहत हमला कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने राइफल जैसे हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियां दागीं।
दो गोलियां अवि को लगीं, जबकि अन्य पास खड़े वाहनों में जा धंसीं। घायल अवि को उसके साथी थाने और फिर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इधर, पुलिस ने फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
अपराधों की कटिंग लगाकर बनाते थे दबदबा- जांच में सामने आया कि नामजद आरोपी गुलशन यादव, गौरव जाट, डिल्लू और उनके साथियों पर पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
आरोपियों में शामिल एक बदमाश डिल्लू सोशल मीडिया पर हथियारों की तस्वीरें और अपने अपराधों की अखबारी कटिंग पोस्ट कर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश करता था।
हत्या के बाद पुलिस चेकिंग में फंसे, पर बचकर निकल गए
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वारदात के बाद सामने आया। सूत्र बताते हैं कि हत्या के तुरंत बाद भाग रहे आरोपियों को शहर में चल रही ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग के दौरान रोका गया था।
पुलिस ने चालान की कार्रवाई शुरू की तो आरोपी घबरा गए, लेकिन जवान उनके व्यवहार का मतलब समझ नहीं पाए। बताया जा रहा है कि आरोपी वाहन छोड़कर भाग निकले।
पुलिस को उस समय यह अंदाजा तक नहीं था कि यही लोग कुछ मिनट पहले शहर में हत्या करके भागे हैं। बाद में हत्या की सूचना और सुराग जुड़ने पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
लोकेशन मिलने के बाद मोबाइल दोबारा बंद
सूत्रों के अनुसार बदमाश बेहद शातिर तरीके से फरारी काट रहे हैं। वारदात से पहले ही आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए थे, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को एक आरोपी का मोबाइल सिग्नल उज्जैन तरफ मिला।
इसके बाद उम्मीद जागी कि जल्द गिरफ्तारी हो सकती है, लेकिन कुछ समय बाद मोबाइल दोबारा बंद हो गया। अब पुलिस तकनीकी निगरानी, मुखबिर नेटवर्क और संदिग्धों से पूछताछ के जरिये फरार शूटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
भिंड-उज्जैन-शिवपुरी लिंक खंगाल रही पुलिस
डीसीपी अमनसिंह राठौड़ ने शुक्रवार को विजय नगर थाने में अधिकारियों की बैठक ली। इसमें एडीसीपी अमरेंद्र सिंह, एसीपी पराग सैनी, लसूड़िया थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें भिंड, उज्जैन, शिवपुरी और संभावित ठिकानों की ओर रवाना की गईं।
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