6 साल से फरार भूमाफिया के भाई को झटका: अग्रिम जमानत याचिका हुई खारिज; कोर्ट की टिप्पणी- जमीन धोखाधड़ी के अपराध लगातार बढ़ रहे
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कुख्यात भूमाफिया चंपू अजमेरा के भाई निलेश अजमेरा को अदालत से बड़ा झटका लगा है। जमीन धोखाधड़ी के गंभीर मामलों में आरोपी निलेश अजमेरा की अग्रिम जमानत याचिका जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है।
निलेश बीते छह वर्षों से फरार बताया जा रहा है और गिरफ्तारी के डर से उसने अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। बाणगंगा थाने में दर्ज एक पुराने प्रकरण में जिला कोर्ट ने निलेश अजमेरा सहित अन्य आरोपियों को 25 मार्च को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
इस मामले की सुनवाई चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने अपने आदेश में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि भूमाफिया अब संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे हैं, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए आम लोगों को ठगते हैं और बिना वैधानिक प्रक्रिया के उनकी जीवनभर की कमाई हड़प लेते हैं। भूखंडों की अवैध खरीद-फरोख्त ऐसे अपराधों का बड़ा माध्यम बन चुकी है।
भूमिका की गहराई से जांच जरूरी
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस केस में निलेश अजमेरा की भूमिका की गहराई से जांच जरूरी है और इसके लिए उसकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इसी आधार पर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया।
यह है पूरा मामला
यह मामला जमीन की धोखाधड़ी कर प्लॉट बेचने से जुड़ा है। बाणगंगा थाने में 28 दिसंबर 2019 को निलेश अजमेरा और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने अनुबंध कर पैसे तो ले लिए, लेकिन तय प्लॉट उसे कभी नहीं दिया गया।
निलेश अजमेरा ने अपने बचाव में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले और हाईकोर्ट इंदौर की याचिका क्रमांक 50460/2025 का हवाला दिया। उसने दावा किया कि 29 दिसंबर 2025 को उसके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर हटाया गया था और उसे अंतरिम जमानत भी मिली थी। हालांकि अदालत ने केस डायरी और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद उसकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
गंभीर धाराओं में दर्ज है 15 प्रकरण
सुनवाई के दौरान पुलिस ने निलेश अजमेरा का आपराधिक रिकॉर्ड भी कोर्ट के सामने रखा। रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 जैसी गंभीर धाराओं में कुल 15 प्रकरण दर्ज हैं।
उन पर केस नंबर 563/2018, 191/2017, 414/19, 13/2016, 526/16, 1410/19, 1413/19, 1414/19, 1415/19, 1424/19, 1432/19, 1435/19, 1439/19 और 02/2020 दर्ज हैं। अदालत के इस फैसले के बाद निलेश अजमेरा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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