सावन में ओंकारेश्वर दर्शन व्यवस्था पर सवाल: ऑनलाइन टिकट के बाद भी दो घंटे कतार; प्रोटोकॉल श्रद्धालुओं से भी लिया ₹300 डोनेशन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, खंडवा।
सावन के शनिवार-रविवार को बाबा ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच दर्शन व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हजारों श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े नजर आए। ऑनलाइन टिकट और प्रोटोकॉल दर्शन की सुविधा लेने वाले श्रद्धालुओं को भी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। पुणे से आए एक श्रद्धालु ने ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद करीब दो घंटे तक रिस्ट बैंड के लिए लाइन में लगने की बात कही।
ऑनलाइन टिकट के बाद भी दो घंटे कतार
पुणे से आए श्रद्धालु विजय भगवान ने बताया कि उन्होंने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक कराया था। इसके बावजूद रिस्ट बैंड लेने के लिए उन्हें करीब दो घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी श्रद्धालुओं को घंटों कतार में लगना पड़े, तो ऑनलाइन व्यवस्था का फायदा क्या है।
प्रोटोकॉल पत्र के बाद भी करना पड़ा इंतजार
इसी दौरान दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा के ओएसडी गुलशन विरमानी भी प्रोटोकॉल दर्शन के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे। उन्होंने खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता को ईमेल के जरिए दर्शन की व्यवस्था के संबंध में पत्र भेजा था। उनके साथ सोनू शर्मा, भूपेंद्र, संदीप कुमार और कुलदीप सिंह भी मौजूद थे।
ओंकारेश्वर पहुंचने पर नायब तहसीलदार एवं सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी उदय मंडलोई ने उन्हें बताया कि कलेक्टर कार्यालय से जानकारी मिलने के बाद ही दर्शन की व्यवस्था हो सकेगी। इसके बाद उन्हें काफी देर इंतजार करना पड़ा।
₹300 डोनेशन के बाद मिली दर्शन की अनुमति
बाद में प्रोटोकॉल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर मुकेश काशिव से मुलाकात हुई। दर्शन के आग्रह के बाद मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रत्येक व्यक्ति से क्यूआर कोड के माध्यम से ₹300 डोनेशन लिया गया। इसके बाद उन्हें दर्शन की अनुमति दी गई।
इस घटनाक्रम ने सावन के दौरान मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब प्रोटोकॉल से जुड़े लोगों को भी पत्र भेजने के बावजूद इंतजार करना पड़ा और बाद में डोनेशन के जरिए दर्शन की अनुमति मिली, तो आम श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भीड़ बढ़ी तो व्यवस्था और चुनौतीपूर्ण
सावन के चलते ओंकारेश्वर में शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सामान्य दर्शन के साथ ऑनलाइन टिकट और प्रोटोकॉल व्यवस्था को लेकर भीड़ का दबाव दिखाई दे रहा है।
श्रद्धालुओं की मांग है कि ऑनलाइन बुकिंग, प्रोटोकॉल और सामान्य दर्शन के लिए अलग-अलग और स्पष्ट व्यवस्था की जाए, ताकि टिकट लेने के बाद भी घंटों कतार में खड़े होने की स्थिति न बने। साथ ही दर्शन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने की मांग की जा रही है।
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