किसानों के लिए खुशखबरी: सरकार ने दिया बड़ा तोहफा; इन 6 फसलों का MSP बढ़ाया
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2027-28 के लिए गेहूं समेत छह प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना और खेती की लागत के मुकाबले उचित रिटर्न सुनिश्चित करना है।
गेहूं के समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि
नई MSP व्यवस्था में गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों-रेपसीड और कुसुम को शामिल किया गया है। इनमें सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम के MSP में हुई है, जबकि गेहूं के समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
कुसुम के MSP में सबसे ज्यादा इजाफा
सरकार के फैसले के अनुसार कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद सरसों और रेपसीड के MSP में 413 रुपये की वृद्धि की गई है।
अन्य रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी इस प्रकार है।
मसूर: 390 रुपये प्रति क्विंटल
जौ: 136 रुपये प्रति क्विंटल
चना: 83 रुपये प्रति क्विंटल
गेहूं: 25 रुपये प्रति क्विंटल
लागत से डेढ़ गुना MSP का लक्ष्य
सरकार के अनुसार MSP में यह संशोधन उस नीति के अनुरूप है, जिसके तहत किसानों को फसल की औसत उत्पादन लागत से कम से कम 1.5 गुना समर्थन मूल्य देने का लक्ष्य रखा गया है। यह व्यवस्था 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी।
सरकारी अनुमान के मुताबिक लागत की तुलना में गेहूं पर किसानों को करीब 106 प्रतिशत, सरसों-रेपसीड पर 96 प्रतिशत, मसूर पर 92 प्रतिशत, चना पर 59 प्रतिशत, जौ पर 58 प्रतिशत और कुसुम पर करीब 50 प्रतिशत का रिटर्न मिल सकता है।
दाल और तिलहन की खेती पर भी जोर
MSP में बढ़ोतरी का एक अहम पहलू दाल और तिलहन फसलों को प्रोत्साहन देना भी है। सरकार लंबे समय से किसानों को गेहूं और धान जैसी प्रमुख अनाज फसलों के अलावा दूसरी फसलों की ओर बढ़ाने पर जोर दे रही है।
इसी नीति के तहत मसूर, चना, सरसों-रेपसीड और कुसुम जैसी फसलों के MSP में अपेक्षाकृत अधिक बढ़ोतरी की गई है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
12 साल में गेहूं की सरकारी खरीद में बड़ा अंतर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2014-15 से 2025-26 के बीच करीब 3,715 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं की सरकारी खरीद हुई। वहीं 2004-05 से 2013-14 के 10 साल के दौरान करीब 2,254 LMT गेहूं खरीदा गया था।
छह प्रमुख रबी फसलों की बात करें तो 2004-05 से 2013-14 के दौरान इनकी कुल सरकारी खरीद करीब 2,302 LMT थी। 2014-15 से 2025-26 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर करीब 3,921 LMT हो गया।
MSP भुगतान में भी हुई बड़ी बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक 2014-15 से 2025-26 के बीच गेहूं किसानों को MSP के तहत करीब 7.31 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इससे पहले 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह राशि करीब 2.56 लाख करोड़ रुपये थी।
छह प्रमुख रबी फसलों को मिलाकर MSP के तहत भुगतान भी बढ़ा है। 2004-05 से 2013-14 के दौरान करीब 2.65 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, जबकि 2014-15 से 2025-26 के दौरान यह बढ़कर करीब 8.36 लाख करोड़ रुपये हो गया।
सरकार का कहना है कि नए MSP से किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलने के साथ दाल और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
संबंधित समाचार

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!