भीड़ में दिखा बदमाश तो एप से तुरंत खुलेगी कुंडली: हवाबाजी करने वाले अपराधियों पर रहेगी तकनीकी नजर
KHULASA FIRST
संवाददाता

राहुल यादव 99932-81971, खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गरबा पंडाल हो या सार्वजनिक मंच, त्योहार पर आयोजन हो या भीड़भाड़ वाला कार्यक्रम, ऐसे स्थानों पर आदतन अपराधी गुर्गो के साथ आए दिन हवाबाजी करते नजर आते हैं, इसके चलते कई बार बड़े घटनाक्रम भी हो जाते हैं।
अब ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने के लिए क्राइम ब्रांच उनकी मौजूदगी का पता लगाने के लिए तकनीक का सहारा लेने की तैयारी में है। नशा तस्करों से आदतन बदमाशों तक का आपराधिक रिकॉर्ड एक जगह जुटाने के लिए एफआरएस नामक विशेष डाटा एप तैयार हो रहा है। मकसद ऐसे लोगों को चिह्नित करना है, जिनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और जिनकी गतिविधियों पर निगरानी की जरूरत है।
इस व्यवस्था में एप अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के साथ पुलिस की निगरानी में मददगार बनेगा। सार्वजनिक आयोजन में डाटा में दर्ज किसी व्यक्ति की मौजूदगी सामने आने पर पुलिस को सूचना देने और जरूरत के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीम को मौके पर भेजने की व्यवस्था उपयोगी साबित होगी।
हालांकि, एप में अलर्ट किस तकनीक से जनरेट होगा, क्या कैमरों से चेहरे का मिलान किया जाएगा और सूचना मिलने पर टीम भेजने की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी तकनीकी जानकारी जल्द सामने आएगी। क्राइंम ब्रांच का कहना है कि इस एप के जरिए अपराधियों पर लगाम कसना बहुत ही आसान हो जाएगा।
क्लिक करते ही मिलेगी रिकॉर्ड, अपराध की प्रकृति से लेकर पुराने मामले तक की जानकारी
एफआरएस एप की उपयोगिता इसमें दर्ज डाटा पर निर्भर करेगी, जिसमें संबंधित व्यक्ति की पहचान, आपराधिक प्रकरण और अपराध की प्रकृति से जुड़ी जानकारी होगी। जरूरत पर पुलिसकर्मियों को रिकॉर्ड खंगालने के लिए अलग-अलग जगह जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं होगी।
नशे के कारोबार से जुड़े लोगों और बार-बार अपराध में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहे बदमाशों के मामलों में यह व्यवस्था खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। यदि एप को सीसीटीवी या फेस रिकग्निशन तकनीक से जोड़ा जाता है, तो कैमरों से मिले चेहरे का डाटा में दर्ज तस्वीरों से मिलान कर पहचान आसान होगी।
केवल नाम दर्ज होने से पहचान होगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा। पहचान की पुष्टि और उसके बाद की कार्रवाई पुलिस को नियमानुसार करना होगी।
नशे के नेटवर्क पर निगरानी क्यों जरूरी
इस पूरी कवायद में सीमा नाथ, महेश टोपी आमीन गौरी का नाम खास तौर पर महत्वपूर्ण है। नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े मामले में उसके खिलाफ हुई कार्रवाई उदाहरण है। पुलिस के सामने चुनौती केवल नशा बेचने वालों को पकड़ना नहीं, बल्कि अवैध कारोबार से अर्जित रकम पर शिकंजा कसना भी है।
जानकारी के मुताबिक सीमा पति महेश उर्फ टोपी मुजाल्दे से जुड़े मामले में क्राइम ब्रांच ने 24 अगस्त 2025 को 516 ग्राम हेरोइन और 48.50 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। उसके खिलाफ कुल 13 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी है, जिनमें तीन एनडीपीएस एक्ट के हैं।
सितंबर 2026 में जब्त रकम को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई और 6 अक्टूबर को सक्षम प्राधिकारी ने आदेश जारी किया। एप में डाटा अद्यतन रहे और पुलिस समय-समय पर सत्यापन करे, तो निगरानी की यह व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती है।
गैगंस्टर सतीश भाऊ समेत दूसरे बदमाशों पर भी नजर
सूत्रों के अनुसार एफआरएस एप के डाटा में गैगंस्टर सतीश भाऊ समेत अन्य आदतन अपराधियों के नाम भी शामिल होंगे। सीमा नाथ, महेश उर्फ टोपी और आमीन गौरी जैसे नामों की निगरानी की बात सामने आई है। लेकिन डाटा में नाम दर्ज होने भर से किसी व्यक्ति को नए अपराध का आरोपी नहीं माना जा सकेगा। कार्रवाई के लिए वैधानिक आधार जरूरी होगा।
गरबा पंडाल से सार्वजनिक मंच तक, निगरानी की होगी परीक्षा
नवरात्रि और दूसरे बड़े आयोजनों में हजारों लोगों की आवाजाही के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती रहती है। ऐसे में आपराधिक रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना संबंधित टीम तक पहुंचाने वाली व्यवस्था अतिरिक्त मददगार बनेगी।
पुलिस की बैठकों में भी नवरात्रि आयोजनों के दौरान असामाजिक तत्वों पर निगरानी, सीसीटीवी और जरूरत के मुताबिक फेस रिकग्निशन कैमरों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। एफआरएस एप की असली परीक्षा मैदान में होगी।
देखना होगा डाटा में कितने लोगों का सत्यापित रिकॉर्ड है, जानकारी कितनी अपडेट है और सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच कितनी तेजी से कार्रवाई करती है।
संबंधित समाचार

धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस अलर्ट:कमिश्नर ने 15 शक्ति मोबाइल टीमों को किया रवाना; हेल्पलाइन नंबर किए जारी

मारपीट के दो मामले:पति की प्रेमिका पर पत्थर से हमला करने का आरोप; जमीन विवाद में किसान को पीटा

विशेष जूपिटर अस्पताल की क्रूरता ‘पेशेंट’ नहीं ‘मनी फर्स्ट’:मरीज की जान से खिलवाड़; बिना जांच पैर काटने का फरमान और संदिग्ध मौत

माता की भक्ति के साथ महाप्रसादी का वितरण शुरू

भीषण सड़क हादसा:स्कॉर्पियो की टक्कर से मैनेजर और कर्मचारी की मौत

अभिनेता,नेताओं से यारी टोपीबाज पटवा का खेल भारी:सट्टेबाजी के बाद अब मनी लांड्रिंग; हवाला और ब्लैक मनी को व्हाइट करने का गौरखधंधा

सड़क चौड़ीकरण के विरोध में बाजार बंद:व्यापारियों ने किया प्रदर्शन; कहा- रोजाना करोड़ों का कारोबार हो रहा प्रभावित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने काजीरंगा से आए आठ भैंसों को बाड़े में छोड़ा:कान्हा टाइगर रिजर्व में सौ साल बाद लौटे जंगली भैंसे

नशे में धुत कार चालक ने 3-4 लोगों को मारी टक्कर:लोगों ने पीछा कर आरोपी को पकड़ा; कार में मिली शराब की बोतल

एरोड्रम कांड में अब फुटेज और बयानों की परीक्षा:पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन से चार पर कार्रवाई तक कैसे बदली कहानी

आज फिर खुलेगी गैंगस्टर सतीश भाऊ और गुर्गों की जालसाजी की कुंडली:दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ दोपहर को होंगे जालसाजी के शिकार राहुल यादव के बयान

बाहर टिकट ब्लैक तो स्टेडियम में हुई मारपीट वीडियो वायरल:लसूड़िया पुलिस ने दो नाबालिगों को पकड़ा, चार टिकट जब्त

देखिये वीडियो, ऑनलाइन सट्टेबाजी-कैसीनो नेटवर्क का खुलासा:एक आरोपी गिरफ्तार; दो की तलाश जारी, लाखों रुपए के प्रीमियम मोबाइल जब्त

भक्ति के रंग गरबे की उमंग:आकर्षक विद्युत सज्जा और हाईटेक सेल्फी पॉइंट बने आकर्षण

कॉलेज के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र:इन मांगों को लेकर डटे; बोले- न्याय नहीं मिला तो प्राण त्याग देंगे

जंतर-मंतर पर अब नहीं दे पाएंगे धरना:राजधानी में प्रदर्शन के ठिकाने बदले; तय की गईं ये 3 जगह

खाता वन विभाग का मुनाफा ससुर-दामाद का:अवैध लकड़ी की जांच के नाम पर खुली ‘लेनदेन’ की दुकान

नवरात्रि-दशहरा में भक्ति स्थलों पर रहेगा शक्ति मोबाइल का पहरा:बाजारों में भी होगी पेट्रोलिंग; आज पुलिस कमिश्नर करेंगे रवाना

फीनिक्स अस्पताल:मौत, पैसे लौटाकर राजीनामा

किया-धरा ठेकेदार का भरपाई कर रहा एनवीडीए:कंप्यूटराइज्ड की जगह पुराने खर्चीले तरीके से प्रोजेक्ट का संचालन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!