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ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की बाधाएं दूर, होली बाद होगा निर्माण शुरू: एक ही दिन में किया 200 से ज्यादा आपत्तियों का निराकरण

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 फ़रवरी 2026, 11:12 पूर्वाह्न
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ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की बाधाएं दूर, होली बाद होगा निर्माण शुरू

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सिंहस्थ के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर सड़क को लेकर लगाई गई आपत्तियों का कल निराकरण कर दिया गया। अब सड़क का निर्माण कार्य होली के बाद शुरू हो जाएगा। 200 से ज्यादा आपत्तियों का निराकरण एक ही दिन में कर दिया गया। अब कलेक्टर अगले सप्ताह इन जमीनों का अवॉर्ड पारित करने की कार्रवाई भी पूरी कर देंगे।

ये कॉरिडोर सड़क इंदौर के पितृ पर्वत के सामने से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर तक बनेगी। यह पूरा मार्ग हरियाली से आच्छादित रहेगा। इस मार्ग से जाने वालों को एकदम शुद्ध पर्यावरण मिलेगा। इस लिहाज से ये अपने आपमें अनूठी सड़क होगी। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। अकेले सांवेर में 166 आपत्तियां आई थीं, जिनका निराकरण कर दिया गया। हातोद तहसील में 60 से 70 आपत्तियां आई थीं वो भी निराकृत कर दी गईं।

अब अगले सप्ताह तक कलेक्टर इन जमीनों के अवॉर्ड पारित कर देंगे। अवॉर्ड पारित होने के बाद जमीन अधिग्रहण में कोई परेशानी नहीं होगी और निर्माण एजेंसी अपना काम शुरू कर सकेगी। इंदौर से उज्जैन के बीच पितृ पर्वत से चिंतामन गणेश मंदिर तक एमपीआरडीसी (मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाना है।

लुधियाना की कंपनी ने सबसे कम बोली लगाकर प्रोजेक्ट हासिल किया है। जिले में 175 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित की जाएगी। जिले के 650 किसानों की भूमि और उज्जैन जिले के 8 गांवों की भूमि प्रोजेक्ट में शामिल होगी। हातोद तहसील में 255 किसानों की करीब 75.401 हेक्टेयर, जबकि सांवेर तहसील में 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। ऐसा होगा ये कॉरिडोर

ये एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन हाईवे 48.10 किलोमीटर लंबा होगा।

कहीं 45 तो कहीं 60 मीटर चौड़ाई होगी।

2000 करोड़ रुपए परियोजना की लागत, जिसमें अधिग्रहण का खर्च भी शामिल।

30 मिनट में उज्जैन पहुंच सकेंगे। हरियाली से ओतप्रोत मार्ग से जाने का आनंद अलग ही होगा।

ये रहेगा मार्ग और गांव
ये ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पितृ पर्वत से शुरू होकर चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक जाएगा। चार प्रवेश बिंदु होंगे। इंदौर वाला छोर (पितृ पर्वत), उज्जैन वाला छोर (सिंहस्थ बायपास), इंदौर के वेस्टर्न बायपास को क्रॉस करने वाला पॉइंट और उज्जैन-बदनावर रोड को क्रॉस करने वाला पॉइंट।

ये मार्ग जंबूर्डी हप्सी, बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोर्डिया, जंबूर्डी सरवर, जिंदाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबीखेड़ी, पीपल्या कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेड़िया, रंगकराड़िया, काछल्या, बलघारा, पोटलोद, टूमली, मगरखेड़ी, छितोड़ा, बालरिया, रालामंडल, लिंबा पीपल्या, गोंदिया, हासमपुरा, पालखेड़ी, चिंतामन जवासिया, चांदमुख से होकर गुजरेगा।

सर्वे टीम ने रिपोर्ट दी: एसडीएम सांवेर घनश्याम धनगर ने बताया कि 109 हेक्टेयर जमीन के लिए 166 आपत्तियां मान्य की गई थीं। जमीन के लिए पहले ही छह से ज्यादा विभागों की जॉइंट मेजरमेंट सर्वे टीम ने सर्वे रिपोर्ट दे दी है।

अधिकांश किसानों ने जमीन पर कुल जमीन के अलावा जमीन में आने वाले पेड़, ट्यूबवेल, कुएं सहित अन्य संपत्तियों की संख्या भी बताई, ताकि मुआवजा पूरा मिल सके।

जॉइंट मेजरमेंट सर्वे में पीएचई, पीडब्ल्यूडी, एग्रीकल्चर, हार्टीकल्चर, कृषि विभाग सहित प्रशासन की टीम ने जो रिपोर्ट दी थी उसके अलावा किसानों ने भी पक्ष रखा है, उसे शामिल कर आगे अवॉर्ड पारित किया जाएगा।

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