नाम बदल की दोस्ती धर्मांतरण का दबाव बनाया: दुष्कर्म और हैवानियत का खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

शादी का झांसा देकर बनाए शारीरिक संबंध, गर्भवती होने पर पेट में पल रहे बच्चे को मारने की धमकी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हीरा नगर थाना क्षेत्र में लव जिहाद के एक मामले का खुलासा हुआ है। मुस्लिम आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाते हुए महिला से दोस्ती कर भरोसा जीता और शादी का सपना दिखाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया।
जब पीड़िता को उसकी सच्चाई का पता चला तो आरोपी ने धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाते हुए धमकाना शुरू कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक कल रात 33 वर्षीय महिला की शिकायत पर यश चौहान उर्फ मोहम्मद जीशान निवासी धीरज नगर पर दुष्कर्म, मारपीट, धमकी और धर्म परिवर्तन से जुड़ी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। टीआई सुशील पटेल ने बताया आरोपी को गिरफ्तार कर जांच की जा रही है।
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 2020 में जब वह पाटनीपुरा क्षेत्र स्थित एक कॉस्मेटिक्स दुकान पर काम के सिलसिले में आती-जाती थी, उसी दौरान सिटी वैन चालक आरोपी से जान-पहचान हुई। उसने अपना नाम यश चौहान बताया बताया। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत बढ़ी तो उसने महिला को पसंद करने व शादी करने की बात कही।
कुछ समय बाद आरोपी उसे मूसाखेड़ी क्षेत्र स्थित अपने कमरे में ले गया, जहां शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। कुछ दिन बाद जब वह गर्भवती हुई और यश को जानकारी दी, तो उसने शादी का आश्वासन दिया।
इसके बाद वह उसे कन्नोद ले गया, जहां पीड़िता की मुलाकात उसके परिवार से हुई। यहीं महिला को पता चला कि आरोपी का असली नाम मोहम्मद जीशान है और वह मुस्लिम है।
पीड़िता का आरोप है आरोपी ने धमकाया कि यदि बात नहीं मानी तो उसके पेट में पल रहे बच्चे को मरवा देगा। बाद में आरोपी उसे वापस इंदौर लेकर आया। अप्रैल 2021 में महिला ने एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। इसके बाद आरोपी ने शर्त रखी कि वह बच्चे को तभी अपनाएगा, जब वह धर्म परिवर्तन कर लेगी। महिला के इंकार करने पर विवाद शुरू हो गया और वह आरोपी से अलग रहने लगी।
आरोपी इसके बावजूद महिला के घर आता-जाता रहा। 19 जनवरी को आखिरी बार आरोपी महिला के घर पहुंचा, जहां उसने जबरन संबंध बनाए और एक बार फिर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला।
इनकार करने पर आरोपी ने मारपीट कर उसका सिर दीवार से दे मारा। गंभीर रूप से घायल महिला को उसकी बहन के घर छोड़कर फरार हो गया।
महिला की बहन ने उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां करीब दस दिन तक उसका इलाज चला। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पीड़िता ने पूरी आपबीती अपने परिजन को बताई। इसके बाद हिंदू संगठनों के माध्यम से पुलिस तक मामला पहुंचा।
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