नीमच के अवैध शराब माफिया अशोक अरोरा के 41 गुर्गे धराए
KHULASA FIRST
संवाददाता

विधायक दिलीप सिंह परिहार की सदन में ललकार से अरोरा के साम्राज्य का अंत शुरू, ‘खुलासा फर्स्ट’ की जिद ने छीना माफिया का चैन, 35 प्रकरणों में पुलिस ने निकाली सिंडिकेट की हेकड़ी!
खुलासा फर्स्ट, नीमच।
प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की धरती पर माफियाओं के लिए अब केवल जेल की कालकोठरी ही एकमात्र स्थान बचा है। विगत दिनों विधानसभा के बजट सत्र में जब नीमच के शराब माफिया का मामला गूंजा था, तो पूरे सदन में सन्नाटा पसर गया।
नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार द्वारा उठाए गए तरणताल क्षेत्र स्थित सरोवर होटल और अवैध शराब का मामला तारांकित प्रश्न और अग्रणी समाचार पत्र खुलासा फर्स्ट द्वारा उपलब्ध कराए गए पुख्ता प्रमाणों ने माफिया अशोक अरोरा और उसके कुख्यात अमोली ग्रुप की जड़ों को हिलाकर रख दिया है।
सदन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि पट्टा निरस्त कर शराब माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल एफ आई आर दर्ज की जाए। इसी कड़ी में नीमच पुलिस ने माफियाओं के गढ़ में घुसकर वह कर दिखाया जिसका इंतजार जिले की जनता लंबे समय से कर रही थी।
खुलासा फर्स्ट की निर्भीक पत्रकारिता की जीत
यह जीत केवल पुलिस की नहीं, बल्कि खुलासा फर्स्ट के उस साहस की है जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर माफिया अशोक अरोरा (अमोली ग्रुप) के अवैध शराब अड्डों, अवैध सप्लाई चेन और शराब की दुकानों पर हो रही मनमानी ओवर रेटिंग का खुलासा किया था। जब रसूख के दम पर यह माफिया तंत्र प्रशासन को ठेंगा दिखा रहा था, तब खुलासा फर्स्ट ने पत्रकारिता धर्म निभाते हुए एक-एक काले कारनामे को जनता और सरकार के सामने रखा।
आज पुलिस की इस कार्यवाही ने उन तमाम खुलासों को सही साबित कर दिया है। माफिया अशोक अरोरा, जो खुद को कानून से ऊपर समझता था, अब उसके सिंडिकेट की दुर्गति शुरू हो चुकी है। जिले के कोने-कोने में फैले उसके अवैध अड्डों पर पुलिस की धमक ने यह साफ कर दिया है कि रसूखदारों का दौर अब इतिहास बन चुका है।
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसौदिया के नेतृत्व में जिले के सभी थाना प्रभारियों ने 09 मार्च को माफियाओं के ठिकानों पर सीधी कार्यवाही की। इस विशेष अभियान में पुलिस ने 41 आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा है।
पुलिस ने इस कार्यवाही में 285 लीटर अवैध देशी शराब, 150 लीटर अंग्रेजी शराब, 360 बीयर केन, 62 बोतल बीयर एवं 12 लीटर कच्ची शराब जब्त की है। यह भारी बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि अशोक अरोरा का अमोली ग्रुप किस कदर जिले की रगों में नशे का जहर घोल रहा था और सरकार को राजस्व का चूना लगा रहा था।
माफिया मुक्त नीमच का संकल्प
खुलासा फर्स्ट की इस मुहिम और विधायक दिलीप सिंह परिहार की सदन में सक्रियता ने माफियाराज के अंत की पटकथा लिख दी है। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अवैध शराब के परिवहन, निर्माण या बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों न हो। अब नीमच की सड़कों पर माफिया का आतंक नहीं, बल्कि कानून का राज दिखेगा। अशोक अरोरा और उसके अमोली ग्रुप की यह दुर्गति उन सभी के लिए सबक है जो जनता और सरकार को चुनौती देने का दुस्साहस करते हैं।
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