क्या होली से पहले मिलेगी खुशखबरी: इस पर कितना मिलेगा ब्याज; कितने करोड़ सदस्यों को होगा फायदा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, दिल्ली।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करीब 31 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए अहम अपडेट सामने आया है। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की सोमवार को होने वाली बैठक में चालू वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर पर फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार ब्याज दर 8.2% से 8.25% के बीच रखी जा सकती है। पिछले वित्त वर्ष में EPFO ने 8.25% ब्याज दिया था।
पिछले सालों में कितनी रही ब्याज दर?
वित्त वर्ष 2024: 8.25%, 2023: 8.15%, 2022: 8.1% (चार दशक में सबसे कम)। माना जा रहा है कि इस बार ब्याज दरों को यथावत रखा जा सकता है।
क्यों नहीं बढ़ रही दर?
रिपोर्ट्स के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण शेयर बाजार और इक्विटी निवेश से अपेक्षित रिटर्न नहीं मिला है। EPFO का बड़ा हिस्सा सरकारी बॉन्ड में निवेशित होता है, लेकिन वहां भी यील्ड में कमी देखी गई है। कम रिटर्न और बढ़ते क्लेम सेटलमेंट के चलते संस्था की आय पर दबाव है, जिससे ब्याज दर बढ़ाने की गुंजाइश सीमित हो गई है।
क्या है पूरी प्रक्रिया?
पहले EPFO की इन्वेस्टमेंट कमेटी बैठक कर आय-व्यय की समीक्षा करती है। इसके बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ब्याज दर की सिफारिश करता है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे।CBT की मंजूरी के बाद प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है। अंतिम स्वीकृति मिलने पर अगले वित्त वर्ष के मध्य तक ब्याज राशि सदस्यों के खातों में जमा कर दी जाती है।
विशेषज्ञों की राय
कुछ ट्रेड यूनियन नेताओं का कहना है कि पिछले वर्ष बड़ी संख्या में नए कर्मचारी जुड़े, जिससे निवेश कोष (कॉर्पस) बढ़ा है। साथ ही पिछले वित्त वर्ष में EPFO के पास अधिशेष आय भी रही। ऐसे में ब्याज दर में कटौती नहीं की जानी चाहिए। हालांकि, अंतिम फैसला बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
होली से पहले EPFO सदस्यों को ब्याज दर पर बड़ा ऐलान मिल सकता है। फिलहाल संकेत यही हैं कि दर 8.25% के आसपास रह सकती है। अब सबकी नजर सोमवार की बैठक पर टिकी है, जहां करोड़ों कर्मचारियों की बचत पर अहम फैसला लिया जाएगा।
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