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क्या अब इन जिलों के आबकारी अधिकारियों पर गिरेगी गाज: खराब प्रदर्शन पर कार्रवाई संभव; शराब ठेकों की यह है हालत

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 अप्रैल 2026, 10:57 am
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क्या अब इन जिलों के आबकारी अधिकारियों पर गिरेगी गाज

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश में आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य इस साल बुरी तरह लड़खड़ा गया है। बैतूल, गुना और अशोकनगर में कार्रवाई के बाद अब उन 12 जिलों पर सवाल उठ रहे हैं, जहां प्रदर्शन और भी खराब रहा है। क्या इन जिलों के अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी?

वित्तीय वर्ष चुनौतीपूर्ण
मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग के लिए यह वित्तीय वर्ष चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। करीब 19,960 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले विभाग अब तक लगभग 16,900 करोड़ रुपए ही जुटा पाया है, यानी सिर्फ 84 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। करीब 3 हजार करोड़ रुपए की कमी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना का सख्त रुख
राजस्व में कमी को लेकर आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सख्त रुख अपनाते हुए बैतूल, गुना और अशोकनगर के आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई की है। बैतूल के जिला आबकारी अधिकारी अंशुम सिंह और गुना-अशोकनगर के प्रभारी अधिकारी गुरुप्रसाद केवट को निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन का कारण
जारी आदेश में साफ कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों ने शराब दुकानों के निष्पादन और राजस्व संग्रह में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। प्रभावी कार्ययोजना के अभाव में लक्ष्य हासिल नहीं हो सका, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

तीनों जिलों का प्रदर्शन
बैतूल में 304 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 247 करोड़ (81%) ही हासिल हुए। गुना में 376 करोड़ के लक्ष्य के खिलाफ 277 करोड़ (74%) राजस्व मिला।अशोकनगर में 216 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 175 करोड़ (81%) ही प्राप्त हो सके।

इन 12 जिलों की स्थिति और खराब
चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश के 12 जिलों का प्रदर्शन इन तीनों से भी कमजोर रहा है। नीमच में केवल 28 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ, जबकि आलीराजपुर (51%), झाबुआ (54%), छिंदवाड़ा (55%), रतलाम (61%), आगर मालवा (62%), बड़वानी और शाजापुर (66%), राजगढ़ (69%), देवास (70%), मंदसौर (73%) और उज्जैन (75%) में भी लक्ष्य काफी पीछे रहा। यह आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि समस्या केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर राजस्व वसूली प्रभावित हुई है।

अधिकारियों पर बढ़ा दबाव
इन जिलों में वर्तमान में पदस्थ अधिकारियों में आलीराजपुर-झाबुआ में बसंती भूरिया, बड़वानी में रामचंद्र बरोड़, राजगढ़ में रितेश लाल, आगर मालवा में राजीव द्विवेदी, मंदसौर और नीमच में रामहंस पचौरी, उज्जैन में निधि जैन, रतलाम में शादाब सिद्दीकी, शाजापुर में विनय रंगशाही, छिंदवाड़ा में भीमराव वैद्य और देवास में मनीष खरे शामिल हैं।

अब बड़ा सवाल
बैतूल, गुना और अशोकनगर में हुई कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खराब प्रदर्शन वाले इन 12 जिलों के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी? या फिर विभाग कोई अलग रणनीति अपनाएगा? फिलहाल, आबकारी विभाग की नजर इन जिलों पर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में और सख्त फैसले संभव माने जा रहे हैं।

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