एक साथ पांच पुलिसकर्मी क्यों हुए निलंबित: क्या है आखिर पूरा मामला; किसने की यह कार्रवाई, किस पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका पर उठे सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक आरोपी के घर का दरवाजा तोड़कर कथित तौर पर की गई गिरफ्तारी का मामला अब बड़ा प्रशासनिक विवाद बन गया है। शिकायत की जांच के बाद डीसीपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, पूरे घटनाक्रम में पूर्व एसीपी राकेश गुप्ता की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं और रिश्वत के आरोपों की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक स्कीम नंबर-114 निवासी गौरव जैन और तत्कालीन विजयनगर एसीपी राकेश गुप्ता के बीच लंबे समय से वित्तीय लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि राकेश गुप्ता ने गौरव जैन को उधार राशि दी थी, जिसके बदले चेक लिए गए थे। बाद में चेक बाउंस होने पर ग्वालियर में गौरव जैन के खिलाफ केस दर्ज हुआ और कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।
तामील के लिए दस्तावेज लसूड़िया थाने भेजे थे
इसी वारंट की तामील के लिए दस्तावेज लसूड़िया थाने भेजे गए थे। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम गौरव जैन के घर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर ग्वालियर ले जाया गया।
रिश्वत के आरोप भी सामने आए
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपी को निजी वाहन से ग्वालियर ले जाया और इस दौरान करीब 25 हजार रुपये रिश्वत लेने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की जा रही है।
शिकायत के बाद जांच और सस्पेंशन
गौरव जैन की शिकायत के बाद मामला पुलिस आयुक्त और डीसीपी तक पहुंचा। जांच में शुरुआती स्तर पर अनियमितताएं पाए जाने के बाद डीसीपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
ये हुए निलंबित
निलंबित पुलिसकर्मियों में शामिल हैं- लसूड़िया थाना प्रभारी संजय बिश्नोई, सिपाही प्रणीत भदौरिया, सिपाही नीरज, सिपाही रविंद्र और सिपाही दीपेंद्र। इसके अलावा हवलदार राकेश शर्मा की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है।
पूर्व एसीपी की भूमिका जांच के घेरे में
मामले में सबसे गंभीर पहलू पूर्व एसीपी राकेश गुप्ता की भूमिका को माना जा रहा है। आरोप है कि निजी विवाद और लेन-देन के मामले में पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर कार्रवाई कराई गई। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या इस कार्रवाई में पुलिस प्रक्रिया का दुरुपयोग हुआ या नहीं।
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