खबर
Top News

जानिये क्यों आमने-सामने हुए बीजेपी के दो पार्षद: निगम की कार्रवाई पर बढ़ा विवाद; मामले ने ऐसे तूल पकड़ लिया

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 अप्रैल 2026, 12:28 pm
177 views
शेयर करें:
जानिये क्यों आमने-सामने हुए बीजेपी के दो पार्षद

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
द्वारकापुरी चौराहे के पास स्थित सब्जी मंडी पर नगर निगम की कार्रवाई को लेकर बीजेपी के दो पार्षद आमने-सामने आ गए। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब क्षेत्रीय पार्षद जीतू राठौर ने बिना पूर्व सूचना कार्रवाई किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। यह भी पता चला है कि फूटी कोठी इलाके की इस घटना में अपर आयुक्त के सामने अपशब्दों का आदान-प्रदान भी हुआ। इस दौरान हाथापाई होने की भी अपुष्ट जानकारी मिली है।

कार्रवाई पर उठा सवाल, मौके पर बढ़ा तनाव
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की टीम द्वारकापुरी स्थित सब्जी मंडी में अतिक्रमण हटाने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान क्षेत्रीय पार्षद जीतू राठौर मौके पर पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में बिना जानकारी दिए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधि की अनदेखी बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

एमआईसी सदस्य से तीखी बहस
इसी मुद्दे को लेकर जीतू राठौर की एमआईसी सदस्य राकेश जैन से तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मौके पर गरमागरमी का माहौल बन गया। दोनों पार्षद एक ही विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 से जुड़े हैं।

दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए
बहस के दौरान दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए। कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, बाद में मौके पर मौजूद लोगों और अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

समन्वय की कमी आई सामने
यह पूरा घटनाक्रम नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को उजागर करता है। स्थानीय स्तर पर बिना पूर्व सूचना की कार्रवाई को लेकर नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली।

फिलहाल मामला शांत, लेकिन सवाल बरकरार
हालांकि विवाद फिलहाल शांत हो गया है, लेकिन इस घटना ने यह संकेत दे दिया है कि पार्टी के भीतर और प्रशासन के साथ तालमेल में कहीं न कहीं कमी है। स्थानीय स्तर पर ऐसे विवाद आगे भी स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर जब दोनों पक्ष एक ही राजनीतिक दल से जुड़े हों।

द्वारकापुरी की इस घटना ने न केवल निगम कार्रवाई के तरीकों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि जमीनी स्तर पर बेहतर संवाद और समन्वय की जरूरत है, ताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!