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गुरुवार की पूजा क्यों मानी जाती है खास: बृहस्पति की कृपा से मिल सकती है सुख-समृद्धि

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 मार्च 2026, 11:26 am
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गुरुवार की पूजा क्यों मानी जाती है खास

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, समृद्धि और सद्गुणों का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम से पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसलिए कई लोग गुरुवार को विशेष व्रत और पूजा करते हैं।

क्यों की जाती है गुरुवार की पूजा
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति ग्रह व्यक्ति के ज्ञान, शिक्षा, विवाह, संतान और आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डालता है। कहा जाता है कि यदि किसी की कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो तो जीवन में रुकावटें आ सकती हैं। ऐसे में गुरुवार की पूजा और व्रत को शुभ माना जाता है। यह पूजा आस्था के साथ की जाए तो मन को शांति और सकारात्मक सोच मिलती है।

कैसे करें गुरुवार की पूजा
गुरुवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ पीले या हल्के रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। घर के पूजा स्थान में भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का स्मरण करते हुए दीपक जलाया जाता है।

हल्दी, चने की दाल और गुड़ का विशेष महत्व
पूजा में पीले फूल, हल्दी, चने की दाल और गुड़ का विशेष महत्व माना जाता है। कई लोग इस दिन केले के पेड़ की पूजा भी करते हैं और जल अर्पित करते हैं। इसके बाद आरती और प्रार्थना की जाती है।कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं और पीले रंग के भोजन जैसे चने की दाल या बेसन से बने प्रसाद का सेवन करते हैं। पूजा के बाद प्रसाद को परिवार के सदस्यों और जरूरतमंद लोगों में बांटना शुभ माना जाता है।

क्या मिलता है पूजा का फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार की पूजा से ज्ञान, विवेक और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बनने की बात कही जाती है। विवाह में आ रही बाधाओं के दूर होने और शिक्षा-करियर में प्रगति की भी मान्यता जुड़ी हुई है। साथ ही नियमित पूजा और व्रत से व्यक्ति के मन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता का विकास होता है।इस प्रकार गुरुवार की पूजा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवन दृष्टि को मजबूत करने का भी एक माध्यम मानी जाती है।

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