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हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं से क्यों हुआ इस एसीपी का टकराव: कितनी देर यातायात रहा अवरुद्ध; किस बात पर उठे सवाल

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 अप्रैल 2026, 10:52 am
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हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं से क्यों हुआ इस एसीपी का टकराव

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हीरानगर थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक शादी समारोह के दौरान उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब सड़क पर निकली बरात और पुलिस अधिकारी के बीच विवाद गहरा गया। मामला गौरी नगर स्थित एक्सिस बैंक के पास का है, जहां बजरंग दल के जिला संयोजक जयेश मौर्य के भतीजे की बारात धूमधाम से निकाली जा रही थी।

बारात और भीड़ के कारण बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बरात में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। डीजे, घोड़ी और नाचते-गाते बरातियों के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिर गया था। व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों ने निजी बाउंसर भी तैनात किए थे, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक नियंत्रण पूरी तरह नहीं हो पा रहा था। धीरे-धीरे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और जाम की स्थिति बन गई।

एसीपी की गाड़ी फंसी, यहीं से शुरू हुआ विवाद
इसी दौरान हीरानगर क्षेत्र की एसीपी रूबिना मिजवानी अपनी सरकारी गाड़ी से उसी मार्ग से गुजर रही थीं। उनकी गाड़ी भी जाम में फंस गई। काफी देर तक रास्ता साफ नहीं होने पर वे गाड़ी से उतरकर खुद स्थिति देखने पहुंचीं और रास्ता खाली कराने को कहा।

बताया जा रहा है कि इस दौरान एसीपी और मौके पर मौजूद कुछ युवकों के बीच तीखी बहस हो गई। एसीपी ने तत्काल रास्ता खाली कराने के लिए सख्ती दिखाई, वहीं बारात पक्ष के कुछ लोगों ने इसे लेकर आपत्ति जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस के दौरान धक्का-मुक्की भी हुई और माहौल गरमा गया।

आपत्तिजनक टिप्पणियों से बढ़ा विवाद
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ युवकों ने एसीपी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इससे मामला और संवेदनशील हो गया। एसीपी ने बारात को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे सड़क पर दोनों ओर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। करीब आधे घंटे तक यह गतिरोध बना रहा।

टीआई ने संभाली स्थिति, खुलवाया जाम
घटना की सूचना मिलते ही हीरानगर थाना प्रभारी (टीआई) सुशील पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाइश दी और तत्काल ट्रैफिक व्यवस्था बहाल करवाई। पुलिस ने बारात को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया, जिसके बाद धीरे-धीरे जाम खत्म हुआ और यातायात सामान्य हो सका।

शिकायत की तैयारी, पहले भी विवादों में रहा नाम
घटना के बाद बजरंग दल से जुड़े लोगों ने एसीपी के व्यवहार को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। उनका आरोप है कि अधिकारी का रवैया अनावश्यक रूप से आक्रामक था। वहीं, स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित एसीपी का नाम इससे पहले भी ड्यूटी के दौरान हुए विवादों में सामने आ चुका है। हालांकि हर बार मामला औपचारिक शिकायत तक नहीं पहुंचा।

ऑफिस लोकेशन भी बन रही परेशानी की वजह
बताया जा रहा है कि एसीपी रूबिना मिजवानी का कार्यालय पहले गौरी नगर सब्जी मंडी क्षेत्र में था, लेकिन पिछले करीब छह महीनों से वे हीरानगर थाने परिसर से कार्य कर रही हैं। इस रूट पर अक्सर ट्रैफिक दबाव अधिक रहता है, जिसके कारण उन्हें कई बार जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है।

बड़े सवाल: सार्वजनिक आयोजनों में ट्रैफिक मैनेजमेंट
इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक आयोजनों—खासकर बारात और जुलूस के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी किसकी है और इसे बेहतर तरीके से कैसे लागू किया जाए।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पहले से पुलिस और आयोजकों के बीच समन्वय हो और वैकल्पिक मार्ग तय किए जाएं, तो ऐसी स्थितियों से बचा जा सकता है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नियमों का पालन सभी पक्षों को करना जरूरी है, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

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