किसने कहा: 'बालिग युवती को पति के साथ रहने से नहीं रोका जा सकता'; सहमति से तय हुआ था रिश्ता, बाद में टूट गई बात
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि कोई युवती बालिग है और अपनी इच्छा से
अपने पति के साथ रहना चाहती है, तो उसे परिवार या अन्य कोई व्यक्ति रोक नहीं सकता।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर की सुनवाई
अदालत ने बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि युवती को सुरक्षित उसके पति के सुपुर्द किया जाए।
पारिवारिक मतभेदों के कारण रिश्ता टूटा
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अमित पांचाल ने बताया कि रतलाम निवासी युवक और मंदसौर जिले के भानपुरा की युवती का विवाह पहले दोनों परिवारों की सहमति से तय हुआ था। हालांकि, बाद में पारिवारिक मतभेदों के कारण यह रिश्ता टूट गया।
इसके बावजूद दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और 22 मई को मंदिर में विवाह कर लिया। विवाह के बाद युवती ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
पति के साथ रहने की इच्छा के बावजूद परिजन ले गए अपने साथ
याचिका के अनुसार, विवाह की जानकारी मिलने के बाद युवती के परिजन रतलाम पहुंचे। उस दौरान युवती ने स्पष्ट रूप से पति के साथ रहने की इच्छा जताई, लेकिन परिजन पुलिस के साथ उसे अपने साथ भानपुरा ले गए।
बाद में जब युवक पत्नी को लेने पहुंचा तो उसे मिलने या साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद युवक ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।
मां ने रखी दोबारा शादी की शर्त
सुनवाई के दौरान युवती की मां ने अदालत से कहा कि यदि दोनों परिवार की परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार दोबारा विवाह कर लें, तो उन्हें बेटी के पति के साथ जाने पर कोई आपत्ति नहीं होगी।
इस पर युवक ने अदालत को बताया कि वह सामाजिक परंपराओं का सम्मान करता है और सभी रस्में निभाने के लिए तैयार है, लेकिन कानूनी रूप से विवाह पहले ही हो चुका है, इसलिए दोबारा शादी करना संभव नहीं है।
हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
मामले की सुनवाई जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि चूंकि 22 मई को दोनों का विवाह हो चुका है।
युवती बालिग है तथा अपनी इच्छा से पति के साथ रहना चाहती है, इसलिए उसे रोका नहीं जा सकता। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि युवती को सुरक्षित उसके पति के साथ भेजा जाए।
मायके जाने की आजादी भी रहेगी
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के बाद भी युवती को अपने माता-पिता और परिवार से मिलने का पूरा अधिकार है। वह जब चाहे अपने मायके जा सकती है।
साथ ही अदालत ने कहा कि यदि दोनों परिवार चाहें तो भविष्य में सामाजिक परंपराओं के अनुसार रिसेप्शन या अन्य वैवाहिक रस्मों का आयोजन कर सकते हैं।
जरूरत पड़ने पर मिलेगा पुलिस संरक्षण
खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी सामाजिक कार्यक्रम या पारिवारिक आयोजन के दौरान दंपती को सुरक्षा संबंधी कोई आशंका हो, तो वे पुलिस से सुरक्षा की मांग कर सकते हैं। प्रशासन कानून के अनुसार उन्हें आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराएगा।
फैसले का महत्व
हाईकोर्ट का यह फैसला स्पष्ट करता है कि भारतीय कानून के अनुसार बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और उसके साथ रहने का मौलिक अधिकार है।
यदि कोई वयस्क महिला अपनी स्वतंत्र इच्छा से पति के साथ रहना चाहती है, तो परिवार या अन्य कोई व्यक्ति उसे जबरन रोक नहीं सकता। अदालत ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों को सर्वोपरि मानते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।
संबंधित समाचार

हजारों करोड़ की बेशकीमती जमीन पर फिर कानूनी लड़ाई:34 साल पुराने मामले में डिवीजन बेंच जाएगा IDA

वीडियो देखिये, युवती ने पुलिसकर्मी को कैसे मारा थप्पड़:जयस के प्रदर्शन में हंगामा; टीआई पर एफआईआर की मांग को लेकर पहुंचे थे कार्यकर्ता

स्कूल के पास घर से मिला पटाखों का जखीरा:बिना लाइसेंस भंडारण पर केस दर्ज; पहले हो चुका है भीषण हादसा, 13 लोगों की हुई थी मौत

अस्पताल में ग्रीन कार्पेट बिछा देखकर नाराज हुए सिंधिया:हादसे के घायलों से मिले; पूछा- रात में शहर में कैसे आया ट्रक

इंसानियत हुई शर्मसार, कैंसर से हुई इंदौर की बेटी की मौत:अंतिम विदाई के लिए घर भी नहीं मिला; मकान मालिक ने नवरात्रि का हवाला देकर रोका, अस्पताल परिसर में हुईं अंतिम रस्में

ड्राई फ्रूट्स के नाम पर ऑनलाइन ठगी:रिटायर्ड कर्मचारी के खाते से उड़ाए लाखों रुपए; फेसबुक लिंक से ऑर्डर किया

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर तंज:बोले-पितृ पर्वत पर महामंडलेश्वर बन जाइए; भाजपा में ही सुनवाई नहीं हो रही

वीडियो देखिये, छात्र-छात्राओं से कथित अभद्रता का मामला गरमाया:निलंबित टीआई के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग

रामलीला से पहले बेकाबू हुआ हाथी:महावत को पटक कर किया घायल; जान बचाकर भागे लोग

वीडियो देखिये, नक्सल मोर्चे पर मोर्चा संभालने वाली महिला कमांडो गरबा-डांडिया में थिरकीं:शहीद परिवारों ने भी लिया हिस्सा; पुलिस लाइन में पहली बार हुआ आयोजन

वीडियो देखिये, दुर्गा पूजा पंडाल में ऐसे मची भगदड़:बारिश के बीच पंडाल में घुसी सैकड़ों लोगों की भीड़, संकरे रास्ते में फंसे लोग, 19 की मौत, 25 घायल, सात गिरफ्तार

छेड़छाड़ की दो घटनाएं:गरबा खेल रही नाबालिग से बदसलूकी; घर में घुसकर महिला से अश्लील हरकत का आरोप

वीडियो देखिये, सनातन धर्म को हिंदुत्व से जोड़कर देखना उचित नहीं:जनता को जागरूक करेंगे: दिग्विजय सिंह; सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले उज्जैन पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री

वीडियो देखिये, ग्वालियर ट्रक हादसे पर सिंधिया सख्त:बोले- जिम्मेदारों पर हो कड़ी कार्रवाई; घायलों से अस्पताल में मिले केंद्रीय मंत्री

22 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या:फांसी लगाकर दी जान; गरबा देखकर लौटी मां और भाई ने देखा

पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में दिखा शक्ति प्रदर्शन:राजनीतिक विरोधाभास भी आया नजर; मुख्यमंत्री पहुंचे तो मंच से गायब हुए मंत्री

भीषण सड़क हादसा:टाटा पंच और बाइक की आमने-सामने टक्कर; राइडर की मौके पर मौत, दो घायल

वीडियो देखिये, शहर के अनेक इलाकों में बारिश:मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से मिली राहत

गरबे संग उठी भक्ति की तरंग:गुजराती गीतों पर मां की आराधना में थिरके कदम

मन की निर्मलता ही सच्ची साधना, सादगी, क्षमा और आत्मचिंतन का पर्व:शारदीय नवरात्रि; अष्टम दिवस; मां महागौरी का संदेश
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!