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कौन सच्चा डिजाइनर गौरव जैन या फिर पांच पुलिसकर्मी: कल हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 अप्रैल 2026, 5:09 pm
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कौन सच्चा डिजाइनर गौरव जैन या फिर पांच पुलिसकर्मी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सीसीटीवी फुटेज को तोड़-मरोड़कर झूठी शिकायत के साथ पेश करते हुए लसूडिय़ा थाने के पांच पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरवा चुका गौरव जैन बहुत बड़ा जालसाज और डिजाइनर है। हालांकि उसके पुलिसकर्मियों पर लगाए आरोप कितने सच्चे और झूठे हैं। इसका फैसला कल हो जाएगा।

एक-दो चीजों को छोड़ दिया जाए तो एसीपी विजय नगर की जांच रिपोर्ट लगभग तैयार है, जो कि वे आज शाम तक या कल सुबह डीसीपी को पेश कर देंगे। एसीपी विजय नगर पराग सैनी का कहना है कि सभी पुलिसकर्मियों के कथन हो गए हैं, लेकिन कुछ तकनीकी सबूत मिलने बाकी है, जो संभवत: आज मिल जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट आला अफसरों को भेज दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि महालक्ष्मी नगर के हरिदर्शन अपार्टमेंट का रहने वाला गौरव जैन आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ दर्ज केसों की जानकारी के साथ खुलासा फर्स्ट ने कल के अंक में खबर भी प्रकाशित की थी। सूत्रों का कहना है कि लोगों को झांसे में लेकर उनसे रुपए उधार लेना और चेक देना उसकी फितरत है, जो कि उसकी बदनीयती के चलते बाउंस भी हो जाते हैं।

बाद में कोर्ट केस चलता रहा है और पीड़ितों की सुनवाई नहीं होती है। ऐसा एक केस रिटायर्ड विजय नगर सीएसपी राकेश कुमार गुप्ता का है, जिसका जिनके केस का गिरफ्तारी वारंट तामिली करने पहुंचे लसूड़िया थाने के एसआई संजय विश्नोई, हेड कांस्टेबल राकेश शर्मा, प्रणित भदौरिया, रवींद्र कुशवाह, आरक्षक दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा निपट गए।

आरोप है कि गौरव जैन ने सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ कर 16 अप्रैल को झूठी शिकायत कर उन्हें निलंबित करवाया है। खुलासा फर्स्ट ने गौरव जैन से जुड़े लोगों को खंगालना शुरू किया तो खुलासा हुआ कि वह आदतन जालसाज प्रवृत्ति का है, जिस हरिदर्शन अपार्टमेंट के जिस फ्लैट में वह रह रहा है।

वह भी परिवार की एक महिला से फ्लैट मालिक पर गंभीर धारा का केस दर्ज करवाकर कब्जा किया है। इसकी रजिस्ट्री आज भी किसी शर्मा के नाम पर है। गुना निवासी पीड़ि़त ने बताया कि गौरव खुद भी गुना का मूल निवासी है। इसलिए परिचित था। इंदौर में प्रॉपर्टी लेना था, सो गौरव के कहने पर उक्त फ्लैट करीब 2017 या 18 में लिया था।

उनके नाम से लिए गए फ्लैट की रजिस्ट्री में गौरव जैन ही गवाह है। बाद में गौरव उसे फ्लैट में किराए से रहने लगा। पहले किराया देता रहा। फिर टालमटोल करने लगा। बाद में रेंट एग्रीमेंट कराया तो कुछ किया दिया। अक्टूबर 2020 में उसने पूरा किराया देने का वादा किया। इस बीच उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया।

मामला आज कोर्ट में विचाराधीन है। उन्हें गौरव जैन से किराए के अलावा भी पांच लाख रुपए लेने हैं। उधर, पता चला है कि सन्नी सरदार नाम के एक व्यक्ति को भी गौरव जैन से करीब एक करोड़ रुपए लेने हैं। महालक्ष्मी नगर के किसी कुमावत को भी पचास लाख रुपए से ज्यादा रुपए गौरव जैन से लेना है। खुद को कारोबारी बताने वाला गौरव जैन एमसीएक्स और क्रिकेट की सट्टेबाजी से भी जुड़ा हुआ है, जो कि गुना किसी सैंकी के साथ ये काम करता है।

गौरव से जुड़ा एक केस सामने आया है। जिस हेड कांस्टेबल कैलाश शर्मा पर गौरव ने कुछ खातों में वसूली और ऑनलाइन रुपए डलवाने का आरोप लगाया उसका बेटा किराए की कार चलाता है। गौरव के कहे पर ही कैलाश उसे निजी गाड़ी में ले गया था, जिसके एवज में किराए के रुपए ऑनलाइन डलवाए थे।

रिटायर्ड एसीपी की भूमिका की भी होगी जांच
वारंट तामिली में रिटायर्ड एसीपी की भूमिका की भी होगी जांच। कार्रवाई के लिए जो भी पुलिसकर्मी घटना दिनांक को गए थे और उन्होंने जो कुछ भी किया गया वह कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था। वारंट को ग्वालियर कोर्ट से ग्वालियर एसपी ने जारी किया गया था। उन्होंने तामिली के लिए इंदौर भेजा।

ये पता लगाया जाएगा कि वारंट को किसी ने व्यक्तिगत इंटरेस्ट लेते हुए षड्यंत्र पूर्वक तो यहां नहीं भेजा। इसमें कोई स्थानीय अधिकारी तो शामिल नहीं है। यानि ये पता लगाया जा रहा है कि वारंट कहां से चला और कैसे और किन माध्यमों से इंदौर पहुंचा।

ये भी देखा जाएगा कि षड्यंत्र में कोई अपराधिक गतिविधी तो नहीं थी। यदि मिलती है तो चाहे वह पाइवेट व्यक्ति हो, संबंधित पुलिसकर्मी हो या रिटायर्ड पुलिस अधिकारी सभी पर नियमानुसार अनुशासनात्मक, वैधानिक और विभागीय कार्रवाई होगी। संतोष सिंह (पुलिस कमिश्नर, इंदौर)

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