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विधानसभा में किन दो नेताओं ने लांघी मर्यादा: क्यों हुई तू-तू, मैं-मैं; कौन बोला- औकात में रहो, किसके नाम पर बिफर गए मंत्री

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 फ़रवरी 2026, 5:41 pm
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विधानसभा में किन दो नेताओं ने लांघी मर्यादा

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
बहस का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सरकार और गौतम अदाणी के बीच बिजली खरीद को लेकर समझौते का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगले 25 साल में अदाणी को बिजली खरीदने के नाम पर 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगते हुए कहा, "इसका प्रमाण दिखाइए।"

सिंघार ने जवाब दिया कि उनके पास प्रमाण हैं और वे दिखाएंगे। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी तनातनी बढ़ गई। बहस के दौरान विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहने” की चेतावनी दी, जिससे सदन में हंगामा और तेज हो गया।

विरोध प्रदर्शन
कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “ख्याली पुलाव” करार दिया। सदन में विपक्ष का हंगामा जारी रहा। अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती का नाम प्रश्न के लिए पुकारा, लेकिन शोर-शराबे के कारण सवाल नहीं रख सके।

इसके बाद फुंदेलाल मार्को को बुलाया गया, लेकिन हंगामा लगातार बना रहा। स्थिति न संभलने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान कांग्रेस विधायक गर्भगृह में नारेबाजी करते रहे।

इंदौर घटना और इस्तीफे की मांग
सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर सिंघार ने इंदौर की घटना को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, राजेंद्र शुक्ला, शंकर लालवानी, और पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की।

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