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चुनाव विवाद में मामा ने किस रिश्तेदार की जान ले ली थी: अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला; यह है पूरा मामला

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 अप्रैल 2026, 5:36 pm
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चुनाव विवाद में मामा ने किस रिश्तेदार की जान ले ली थी

खुलासा फर्स्ट, गुना।
कैंट इलाके में बिहार चुनाव को लेकर हुए विवाद में एक युवक की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने महज 5 महीने के ट्रायल के बाद दो आरोपियों को आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी है। यह मामला 16 नवंबर 2025 की रात का है, जब बिहार के शिवहर जिले से आए तीन मजदूर राजेश मांझी, तूफानी मांझी और 25 वर्षीय शंकर गुना में पुलिस लाइन के पास क्वार्टर निर्माण कार्य में लगे थे। शंकर दोनों का भांजा था।

शराब के बाद बिहार चुनाव पर शुरू हुआ विवाद
घटना वाली रात तीनों ने साथ खाना बनाया और शराब पी। इसी दौरान बिहार चुनाव और राजनीतिक चर्चा को लेकर बहस शुरू हो गई। दोनों आरोपी जेडीयू समर्थक बताए गए, जबकि मृतक शंकर आरजेडी समर्थक था। बहस के दौरान तेजस्वी यादव को लेकर टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।

कीचड़ में डुबोकर की गई हत्या
विवाद इतना बढ़ा कि दोनों मामाओं ने शंकर को पीटने के बाद कीचड़ में उसका मुंह दबा दिया। पानी और कीचड़ सांस नली में जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

डीएनए रिपोर्ट बनी सबसे मजबूत सबूत
जांच में कई गवाह अपने बयान से मुकर गए, लेकिन पुलिस जांच में अहम सबूत सामने आया। मृतक की गर्दन की चमड़ी आरोपियों के नाखूनों में फंस गई थी, जिसकी डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आई और यही केस का निर्णायक सबूत बना। कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव और एसआई राहुल शर्मा ने 40 दिनों के भीतर केस का चालान कोर्ट में पेश किया था।

5 महीने में ट्रायल पूरा, कोर्ट का सख्त फैसला
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की अदालत में 24 जनवरी से ट्रायल शुरू हुआ और 18 अप्रैल को फैसला सुना दिया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटना के अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था।

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