किस महापौर को महिला ने किस बात पर दिखाया आईना: क्यों कहा- कार से उतरिए, लोगों के साथ चलिए
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर के वार्ड 84 में आयोजित “संकल्प से समाधान जनता चौपाल” के दौरान उस समय माहौल अचानक गंभीर हो गया, जब एक महिला ने सीधे सवाल दाग दिया। उनका सवाल था—यदि नगर निगम आर्थिक संकट और कर्ज़ के बोझ से दबा है, तो फिर शहर में नई बनी सड़कों को बार-बार खोदने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
महिला ने कहा कि एक ओर निगम पर कर्ज़ बढ़ने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर अधूरे निर्माण कार्य, बार-बार सड़क खुदाई, उड़ती धूल और बदहाल व्यवस्थाएं आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या योजनाओं में समन्वय की कमी है या फिर जनता के पैसे का सही उपयोग नहीं हो रहा?
महिला ने महापौर से आग्रह किया कि वे जनता से रूबरू हों। महिला ने पूर्व मंत्री स्वर्गीय लक्ष्मणसिंह गौड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वो फोर व्हीलर पर नहीं चलते थे, वो लोगों के साथ चलते थे, घरों-घर चलते थे। इसीलिये लोग आज भी उनको पूजते हैं, आज भी मानते हैं। मेरा भी आपसे निवेदन है कि आज जनता से मिलिये। आपके पार्षदों से बोलिये कि घरों-घर जाएं, उनसे सुनिये कि उनको प्राब्लम क्या है। लोगों को बहुत प्राब्लम हैं।
चौपाल में मौजूद महापौर पुष्यमित्र भार्गव और अन्य अधिकारियों के सामने यह सवाल जैसे सीधे जवाबदेही की मांग बनकर खड़ा हो गया। महिला की बेबाकी पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर समर्थन जताया। कुछ क्षणों के लिए मंच पर सन्नाटा छा गया और जनप्रतिनिधियों को स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत महसूस हुई।
यह घटनाक्रम इस बात का संकेत था कि अब नागरिक सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शिता और ठोस जवाब चाहते हैं। जनता चौपाल में उठी यह आवाज शहर की सड़कों से आगे बढ़कर प्रशासनिक जवाबदेही पर सीधा सवाल बन गई।
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