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बरातियों की कार ट्रक में घुसी: चार की मौत; 7 लोग घायल

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 अप्रैल 2026, 12:46 pm
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बरातियों की कार ट्रक में घुसी

शादी की खुशियां चंद मिनटों में मातम में बदलीं, रातभर हाईवे पर चीख-पुकार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
खुड़ैल इलाके में कल देर रात एक ऐसा भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने शादी की खुशियों को कुछ ही पलों में मातम में बदल दिया। घर में नई दुल्हन के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, दरवाजों पर रोशनी थी, रिश्तेदारों के चेहरों पर मुस्कान थी, लेकिन बड़वाली चौकी पहुंचने से पहले ही एक ट्रक ने चार घरों के चिराग बुझा दिए।

आष्टा से शादी कर लौट रही बरात की एक कार भूसे से भरे तेज रफ्तार ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार युवकों की मौत हो गई। सात से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर ऐसा मंजर था, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स सिहर उठा। कहीं टूटी कार के बीच फंसे युवक मदद के लिए तड़प रहे थे तो कहीं अपनों को पहचानने के लिए बराती मोबाइल की रोशनी में चेहरों को टटोल रहे थे। जानकारी के मुताबिक बड़वाली चौकी निवासी मोहम्मद आरिफ की शादी आष्टा में हुई थी।

विदाई के बाद दूल्हा-दुल्हन सहित बराती तीन से चार गाड़ियों से इंदौर लौट रहे थे। रात का वक्त था, सभी अपने घर पहुंचने और नई बहू के स्वागत को लेकर उत्साहित थे। परिवार के लोग रास्तेभर शादी की रस्मों और घर पहुंचने के बाद की तैयारियों की बातें कर रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे भयावह सफर साबित होगा।

लगातार ओवरटेक कर रहा था ट्रक
दूल्हे मोहम्मद आरिफ ने बताया कि आष्टा से लौटते समय एक भूसे से भरा ओवरलोड ट्रक (एमपी 41 जीए 0949) काफी देर से बरातियों की गाड़ियों के बीच तेज रफ्तार में चल रहा था। वह लगातार ओवरटेक कर रहा था और कई बार लापरवाही से कट मार रहा था। बरातियों ने भी इस ट्रक की खतरनाक ड्राइविंग को नोटिस किया था, लेकिन किसे मालूम था कि कुछ ही देर बाद यही ट्रक मौत बनकर सामने खड़ा होगा।

अचानक लगा ब्रेक; और खत्म हो गई 4 जिंदगियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टेंचिंग ग्राउंड के सामने ट्रक चालक ने आगे चल रही दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान उसने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रही बरातियों की कार (एमपी 35 डी 0363) को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

चालक ने कार बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार और कम दूरी के कारण कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। सामने बैठे युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

चीखों की आवाज इतनी तेज थी कि पीछे आ रही गाड़ियों में बैठे बराती दहशत में बाहर निकल गए। किसी ने शीशा तोड़कर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, कोई एंबुलेंस और पुलिस को फोन करता रहा, तो कोई सड़क पर बैठकर रोता रहा।

मौके पर ही तीन युवकों ने दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या उपचार के दौरान जान गंवा दी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक युवक की गर्दन धड़ से लगभग अलग हो गई थी। यह दृश्य देखकर परिजन बेसुध हो गए।

दूल्हे के घर पहुंचने से पहले बुझ गए घरों के चिराग
इस हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई वे सभी बड़वाली चौकी क्षेत्र के निवासी थे। मृतकों की पहचान फरहान पिता जावेद मेव (19), आरिस पिता साजिद (20), इरफान पिता अशफाक (24) और अरफद पिता रईस खान (23) के रूप में हुई है। इनमें से एक युवक दूल्हे का भतीजा बताया जा रहा है। बरात में शामिल परिजन जब बड़वाली चौकी पहुंचे तो कोई दुल्हन को संभाल रहा था, कोई अस्पताल भाग रहा था तो कोई शवों की पहचान में जुटा था।

अस्पताल में रहा अफरा-तफरी का माहौल... हादसे आसिफ पिता रफीक (38), मो. अली पिता मो. साबिर (22), अयान पिता आबिद (17), सोनू पिता जावेद (19), मो. कैफ पिता साजिद अली (22), रेहान पिता मकसूद अली (21), अल्फेज पिता नासिर खान (18), फैजान पिता फिरोज (16) घायल हो गए।

घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर कुछ को इंदौर रैफर किया गया। कई घायलों के हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में भी देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। परिवारों का कहना है कि शादी से लौटते वक्त सभी सामान्य तरीके से घर आ रहे थे, लेकिन ट्रक चालक की लापरवाही ने एक साथ कई घरों की खुशियां छीन लीं। अब इन परिवारों के सामने सिर्फ सवाल है कि आखिर उनके बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

हादसे के बाद फूटा गुस्सा, ट्रक में तोड़फोड़ और चक्काजाम
जैसे ही पीछे आ रही अन्य गाड़ियों में सवार बरातियों ने हादसा देखा वे तुरंत नीचे उतरे। कार की हालत और उसमें फंसे शवों को देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक को पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह डर के मारे भागने लगा। इसके बाद आक्रोशित बरातियों ने ट्रक में जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ ही देर में सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और चक्काजाम की स्थिति बन गई। कई घंटे आवागमन प्रभावित रहा।

छह थानों का बल बुलाना पड़ा तीन घंटे बाद शांत हुआ मामला
हादसे और उसके बाद हुए हंगामे की सूचना मिलते ही ग्रामीण पुलिस हरकत में आई। खुड़ैल पुलिस के साथ आसपास के कई थानों से बल बुलाया गया। बताया जा रहा है कि हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि करीब छह थानों का पुलिस बल मौके पर लगाया गया।

पुलिस ने आक्रोशित परिजन और बरातियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन चार युवकों की मौत से उबल रहा गुस्सा जल्दी शांत होने वाला नहीं था। करीब तीन घंटे की मशक्कत, समझाइश और ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही भीड़ शांत हुई और जाम खुल सका।

टीआई के रवैये पर भी भड़के परिजन, सस्पेंशन की मांग
घटना के दौरान पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी बरातियों और परिजन में भारी नाराजगी देखने को मिली। आरोप है कि जब लोगों ने खुड़ैल थाना प्रभारी करण सिंह शक्तावत से सख्त कार्रवाई की मांग की तो उन्होंने कथित तौर पर हम क्या करें, जैसा जवाब देकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की।

यह बात सुनते ही पहले से गुस्से में मौजूद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। मौके पर तीखी बहस और चिल्ला चोट की स्थिति बन गई। परिजन और स्थानीय लोगों ने एसीपी और एडीसीपी के सामने खुड़ैल टीआई को तत्काल सस्पेंड करने की मांग भी रखी। लोगों का कहना था कि जब परिवार सड़क पर अपनों की लाशें देख रहा हो तब पुलिस का संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया होना चाहिए, न कि टालमटोल वाला।

बड़ी दुर्घटना के बाद ही क्या जागता है प्रशासन?
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई गंभीर सवाल छोड़ गया है। आखिर रात में सड़कों पर ओवरलोड ट्रक इस तरह बेलगाम क्यों दौड़ते हैं?, क्यों बार-बार लापरवाह और खतरनाक ड्राइविंग के बावजूद ऐसे वाहनों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती? और क्यों हर बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागता है?

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