हम दोनों अच्छे से रहते थे: पूरी क्लास नफरत करने लगी थी; हत्यारे का आखिरी लेटर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
द्वारकापुरी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में नया चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रेम, जुनून और हैवानियत के इस खौफनाक केस में आरोपी पीयूष का लिखा आखिरी लेटर सामने आया है। इसमें उसने जिस युवती के साथ रिश्ते को प्यार बताया, उसी की बेरहमी से हत्या करने के बाद भी उससे आखिरी बार मिलने की इच्छा जताई थी। आरोपी प्रेमिका से वास्तव में प्यार करता था या उसके मन में नफरत और सनक घर कर चुकी थी, इसका सच अब शायद हमेशा के लिए युवती के साथ ही दफन हो गया है।
हत्या के बाद फरार पीयूष को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लाई और जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। रोज सुबह मंदिर जाने और सामान्य जीवन जीने वाला युवक आखिर इंदौर में ऐसी कौन-सी परिस्थिति में पहुंच गया कि निर्मम हत्यारा बन बैठा ,यह सवाल जांच एजेंसियों को परेशान कर रहा है। पुलिस की पूछताछ के दौरान पीयूष ने जो लिखित कबूलनामा दिया, उसने पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना दिया है।
क्या प्यार करना गलत है, कबूलनामे ने उठाए सवाल, जवाब अधूरे
मैंने अपनी प्रेमिका को मार दिया। क्या प्यार करना गलत है? हम दोनों बहुत अच्छे से रहते थे। प्यार की शुरुआत कॉलेज से हुई थी। जब हम कॉलेज में थे, तब हमारी नजदीकियां कई लोगों को बुरी लगती थीं। क्लास नफरत करने लगी थी। हम अपने करियर को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत और पढ़ाई कर रहे थे।
फर्स्ट ईयर के पेपर अच्छे से दिए थे। जब मैं घर गया था तो रिश्ते के बारे में सबको बता दिया था, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। मैं उससे आखिरी बार मिलना चाहता हूं। लेटर के आखिरी पेज पर पीयूष ने एक दिल का निशान बनाते हुए अपना और युवती का नाम भी लिखा है, जिसने पूरे मामले को और भावनात्मक तथा रहस्यमय बना दिया।
पीयूष के कबूलनामे से प्रतीत होता है वह युवती से प्रेम करने का दावा कर रहा है लेकिन सबसे बड़ा सवाल है ऐसा कौन-सा गुस्सा, अस्वीकार या मानसिक उन्माद था, जिसने उसे दरिंदगी की हद पार करने पर मजबूर कर दिया। जांच में सामने आया आरोपी ने पहले गला घोंटकर युवती की हत्या की। इसके बाद कमरे में ताला लगाकर चला गया। कुछ देर बाद शराब पीकर लौटा और मृत युवती पर चाकू से ताबड़तोड़ 18 वार किए, जिससे पूरी वारदात दिल दहला देने वाली बन गई।
फफक पड़े पिता - कहता था आईपीएस बनूंगा... और दरिंदा बन गया
कहता था आईपीएस बनूंगा, बचपन से ही आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखता था और दरिंदा बन गया मेरा बेटा... यह कहते हुए फफक पड़े उस पीयूष के पिता जिसने इंदौर में गर्लफ्रेंड के संग ऐसी क्रूरता की कि पूरा देश सन्न रह गया। आरोपी के पिता और मां गहरे सदमे में हैं।
घटना को लेकर जब खुलासा फर्स्ट ने पिता से फोन पर चर्चा की तो उनकी दबी और सहमी आवाज में कई ऐसे खुलासे सामने आए, जिनसे पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि साफ हुई। पिता ने बताया पीयूष का जन्म रतलाम जिले के पास स्थित बाजना गांव में हुआ, जहां उनका ससुराल है। पूरी पढ़ाई मंदसौर में हुई।
पिछले वर्ष उसने आगे की पढ़ाई के लिए इंदौर जाने की जिद की थी। आखिरकार अगस्त 2025 के अंतिम सप्ताह में उसे एमबीए कोर्स में प्रवेश दिलाया।पिता ने 8, 9 और 10 जनवरी की घटनाओं का जिक्र कर बताया जनवरी में जब पीयूष मंदसौर आया तो उसके मोबाइल में एक युवती के साथ तस्वीरें देखी, जिनमें दोनों एक-दूसरे के साथ करीब नजर आ रहे थे।
पूछने पर पीयूष ने पहले युवती को सिर्फ दोस्त बताया, लेकिन बाद में डरते हुए स्वीकार किया उसे पसंद करता है। इस पर पिता ने नाराजगी जताते हुए कहा इंदौर पढ़ाई के लिए गया है या किसी और वजह से। इसके बाद पीयूष इंदौर लौटा और युवती को परिवार से हुई बातचीत के बारे में बताया।
बाद में अपने मोबाइल से युवती की पिता से फोन पर बात करवाई। पिता ने दोनों को समझाया पहले पढ़ाई पूरी करें और जीवन में कुछ बन जाएं, शादी का निर्णय परिवार समय आने पर करेगा। दोनों अलग समाज से हैं इसलिए जल्दबाजी ठीक नहीं होगी।
डर था कहीं दोनों भावनाओं में बहकर कोई गलत कदम न उठा लें, इसलिए युवती से कहा जरूरत पड़े तो वे पीयूष को वापस मंदसौर बुला लेंगे। इस पर युवती ने मना करते हुए कहा दोनों पढ़ाई पूरी होने के बाद ही भविष्य के बारे में सोचेंगे।
युवती ने उनकी कसम खाकर कहा था अंकल! आपकी कसम, हम दोनों सिर्फ पढ़ाई में ध्यान लगाएंगे, पीयूष को मंदसौर मत बुलाइए।
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