वीडियो देखिये, मानसिक दबाव और परीक्षा में असफलता के डर से हार गई छात्रा: पिता बोले-कई महीनों से थी तनाव में; डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती थी
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
डॉक्टर बनने का सपना लेकर पिछले तीन वर्षों से लगातार मेहनत कर रही 20 वर्षीय छात्रा अवंतिका मौर्य आखिरकार मानसिक दबाव और असफलता के डर से हार गई। इंदौर में तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने वाली अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य ने बेटी की मौत को लेकर दर्द बयां करते हुए कहा कि वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती थी, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिलने से पिछले कई महीनों से तनाव में थी। परिवार का मानना है कि नीट री-एग्जाम और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
गुरुवार रात हुई इस घटना के बाद शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान अवंतिका की मौत हो गई। घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मां बोदरबाई की हालत खराब है, जबकि बहन और अन्य परिजन उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
पिता बोले- पिछला पेपर बहुत अच्छा गया था
अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य ने बताया कि उनकी बेटी पिछले तीन वर्षों से नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह अब तक तीन बार परीक्षा दे चुकी थी और इस बार उसे अपने चयन की पूरी उम्मीद थी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए नीट परीक्षा के बाद अवंतिका बेहद खुश थी। उसने परिवार और दोस्तों से कहा था कि उसका पेपर बहुत अच्छा गया है और इस बार उसका चयन हो सकता है। लेकिन बाद में पेपर लीक की खबरों और री-एग्जाम की प्रक्रिया ने उसे मानसिक रूप से झकझोर दिया। पिता ने कहा, "वह चौथी बार परीक्षा देने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। लगातार मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलने का दर्द उसे अंदर ही अंदर तोड़ रहा था।"
डॉक्टर बनना था सपना
अवंतिका मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। उसके पिता खरगोन जिले के भिकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं। पिछले पांच दिनों से पूरा परिवार इंदौर में साथ रह रहा था। अवंतिका अपनी बड़ी बहन सपना के साथ फ्लैट में रहकर पढ़ाई कर रही थी। सपना भी डॉक्टर है।
परिजनों के अनुसार अवंतिका बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। वह अक्सर कहती थी कि उसे लोगों की सेवा करनी है। शुरुआती दो वर्षों तक उसने ऑफलाइन कोचिंग ली, जबकि इस बार वह घर पर रहकर ऑनलाइन तैयारी कर रही थी।
परिवार का कहना है कि पिछले पांच से छह महीनों से वह काफी तनाव में रहने लगी थी। वह पहले की तुलना में कम बोलती थी और अधिकतर समय पढ़ाई में लगी रहती थी। अक्सर अपनी मां से यही कहती थी कि उसके साथ पढ़ने वाले कई बच्चों का चयन हो गया, लेकिन वह अभी तक सफल नहीं हो पाई।
हादसे वाली रात क्या हुआ?
पिता के मुताबिक गुरुवार रात पूरा परिवार घर पर मौजूद था। सभी खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहे थे। अवंतिका भी भोजन करने के बाद घर से बाहर निकली थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिल्डिंग के नीचे मौजूद एक युवक ने सबसे पहले अवंतिका को ऊपर से गिरते हुए देखा। उसने तुरंत दौड़कर उसे संभालने की कोशिश की और परिजनों को सूचना दी। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और बाद में एमवाय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
धमाके की आवाज सुन बाहर आए लोग
जिस बिल्डिंग में अवंतिका रहती थी, उसके पड़ोस में रहने वाली तीन छात्राओं ने बताया कि रात में अचानक किसी भारी वस्तु के गिरने जैसी तेज आवाज सुनाई दी। पहले उन्हें लगा कि कोई सामान गिरा है, लेकिन बाहर निकलने पर पता चला कि एक लड़की ऊपर से नीचे गिर गई है।
मां बोदरबाई ने भी पहले किसी युवक के चिल्लाने की आवाज सुनी। घबराकर वह छत की ओर दौड़ीं, लेकिन नीचे देखा तो उनकी बेटी सड़क पर पड़ी थी। बताया जा रहा है कि अवंतिका तीसरी मंजिल पर रखी कुर्सी की मदद से ऊपर चढ़ी और वहां से छलांग लगा दी।
हमेशा मुस्कुराकर बात करती थी
इलाके के लोगों का कहना है कि अवंतिका बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव की थी। मोहल्ले की एक महिला दुकानदार ने बताया कि वह अक्सर उनकी दुकान पर सामान लेने आती थी और बच्चों से हंसकर बातें करती थी। उसे देखकर कभी नहीं लगा कि वह किसी गहरे तनाव से गुजर रही है।
मानसिक दबाव पर उठे सवाल
अवंतिका की मौत ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार प्रयास, सफलता की उम्मीद, असफलता का डर और भविष्य को लेकर चिंता कई युवाओं को मानसिक रूप से प्रभावित कर रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं परिवार का कहना है कि उनकी बेटी ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन लगातार बढ़ते तनाव और दबाव ने उससे जीवन का सबसे बड़ा फैसला करवा दिया।
संबंधित समाचार

देवास जहरीली शराब कांड:कांग्रेस प्रवक्ता गिरफ्तार; कोर्ट ले जाते समय बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती, बेटे के बाद पुलिस ने पिता को भी पकड़ा

नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई:तीन तस्कर गांजे के साथ गिरफ्तार; ग्राहक तलाशते समय दबोचा

गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार:बैग से लाखों का माल जब्त; क्राइम ब्रांच और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई

मंत्री ने सीढ़ियों पर बैठकर सुनी नागरिकों की समस्याएं:तहसील कार्यालय का किया औचक निरीक्षण; अधिकारियों को दो टूक निर्देश

वीडियो देखिये; तिरंगे में लिपटे अपने बेटे को देख टूटा परिवार के सब्र का बांध:गूंजती रहीं अपनों की चीखें; बिलखते परिजनों का विलाप देख हर आंख हुई नम

जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की मौत:इलाज के दौरान तोड़ा दम; उपजेल में बिगड़ी थी तबीयत

250 किलोमीटर दूर स्थित लैब से भी जारी हो रही थीं रिपोर्ट:मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर पर कार्रवाई का निर्देश

वीडियो देखिये, यह हादसा नहीं, हत्या है, CBI जांच होनी चाहिये:दिवगंत टीआई की बहन ने की मांग; भाभी और बच्चों को मिले सरकारी नौकरी

सफाई की शिकायत पर पार्षद पति और निगम के अधिकारी हो गए आमने-सामने:तीन नगर निगम कर्मचारियों को काम से हटाने पर हुआ विवाद

वीडियो देखिये, जिस आंगन से निकले थे, वहीं तिरंगे में लौटी पार्थिव देह:अपनों का विलाप देख हर आंख हुई नम; अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

पुलिस की वारंटियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई:लंबे समय से फरार 2 वारंटी गिरफ्तार; दोनों आरोपियों पर दर्ज है 34 आपराधिक प्रकरण

मंत्री जी खुद दो घंटे देर से पहुंचे इंतजार में बैठे रहे बच्चे:पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लेटलतीफी पर जताई थी आपत्ति

मीडिया के सवालों पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने फिर साध ली चुप्पी:मंच से खूब बोले, लेकिन पत्रकारों के सवालों पर रहे मौन

वीडियो देखिये, स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी पर क्या बोले अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त:शुरुआती तौर पर मेल फर्जी प्रतीत हो रहा; एहतियात के तौर पर स्कूलों में सुरक्षा जांच कराई

एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ाया हिस्ट्रीशीटर अकरम उर्फ अक्की:शहर के थानों में 20 से ज्यादा अपराध दर्ज

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का नया दांव:हरदीप पुरी के सामने उतारा निर्दलीय उम्मीदवार; इन्हें दिया समर्थन

एमडी ड्रग्स के मामले में लंबे समय से फरार भय्यू पुलिस की गिरफ्तार में:आरोपी फैजान पठान से पूछताछ में सामने आया था नाम; दस आपराधिक प्रकरण दर्ज

वीडियो देखिये, भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी:बोले- राम और कृष्ण में कोई अंतर नहीं; मथुरा के संतों ने जताई थी नाराजगी

रात के अंधेरे में शिमला पाउच की अवैध पैकेजिंग का ‘खेल’:बिना नाम के गोदाम में 10 मशीनों से हो रही थी पैकिंग; 20 कर्मचारी कर रहे थे काम, सूचना के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई

वीडियो देखिये, टीआई की मौत के बाद घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी:आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक कर रहे हैं मामले की जांच
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!