वीडियो देखिये, ‘पीली गैंग’ पर गंभीर आरोप: अतिक्रमण कार्रवाई के नाम पर ठेला उजाड़ा; हफ्ता वसूली का विवाद गहराया
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी टीम, जिसे आम बोलचाल में ‘पीली गैंग’ कहा जाता है, एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला सिर्फ सड़क से ठेला हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गरीब की आजीविका उजाड़ने, कथित बदसलूकी और “हफ्ता वसूली” जैसे गंभीर आरोपों तक पहुंच गया है। मामला मालगंज इलाके का बताया जा रहा है, जिसने निगम की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार्रवाई या मनमानी?
जानकारी के मुताबिक, मालगंज क्षेत्र में सिटी नर्सिंग होम के पास सड़क किनारे लगे एक फल ठेले पर नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता पहुंचा। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान टीम ने ठेले पर रखे फल सड़क पर फेंक दिए, जिससे ठेला संचालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पीड़ित का कहना है कि यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि उसे जानबूझकर प्रताड़ित किया गया।
‘हफ्ता’ नहीं दिया तो उजाड़ दिया ठेला?
ठेला संचालक ने निगम कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उससे रोजाना 200 रुपये “हफ्ता” मांगा जाता था। पीड़ित के अनुसार, जोन क्रमांक 2, वार्ड 69 से जुड़े दो कर्मचारियों रोनक और आशु द्वारा लगातार पैसे देने का दबाव बनाया जाता था।
यह भी आरोप
उसका आरोप है कि रकम नहीं देने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती थी, और आखिरकार उसी के तहत उसका ठेला उजाड़ दिया गया। यह सवाल अब खुलकर सामने आ रहा है कि क्या अतिक्रमण हटाने की आड़ में वसूली का कोई अनौपचारिक तंत्र चल रहा है?
वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गर्मा गया है। वीडियो में कथित तौर पर निगम कर्मियों द्वारा ठेले से फल सड़क पर फेंकते हुए देखा जा सकता है।
आम लोगों में नाराजगी
इन तस्वीरों ने आम लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है और प्रशासन की संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे गरीबों के साथ अन्याय और शक्ति के दुरुपयोग के रूप में देख रहे हैं।
अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
मामले को लेकर जब संबंधित अधिकारी क्षितिज सिंघल से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल बंद मिला। जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आने से मामला और संदिग्ध बनता जा रहा है।
पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप
यह पहली बार नहीं है जब ‘पीली गैंग’ पर इस तरह के आरोप लगे हों। इससे पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ठेला चालकों और छोटे व्यापारियों के साथ सख्ती, अभद्र व्यवहार और मनमानी के आरोप सामने आते रहे हैं।
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