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वाॅर रिटर्न्स: ईरान का इनकार; बातचीत के लिए नहीं आएगा पाक

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 अप्रैल 2026, 1:14 pm
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वाॅर रिटर्न्स

सीज फायर : इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता पर संशय बरकरार

डील से मना किया पर फिर धमकी पर उतरे डोनाल्ड ट्रंप, ईरान को तबाह करने दी धमकी

अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी से बिफरा ईरान, पाकिस्तान आने से किया इनकार

अमेरिका की नाकाबंदी को ईरान ने समुद्र में डकैती बताया, होर्मुज फिर से बंद

ईरान की दो टूक-अमेरिका तो क्या, किसी भी देश को नहीं सौंपेगा संवर्धित यूरेनियम

पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता की तैयारियां तेज, नूर खान एयरबेस पर उतरे 6 अमेरिकी विमान

सीज फायर की समय सीमा में अब बस सिर्फ 48 घंटे शेष, पेंटागन में बड़े हमले की तैयारी

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
याद नहीं आता, अमेरिका की ऐसी भद्द कभी पिटी होगी। खुद आगे रहकर युद्ध लड़ने दुनिया के मध्यपूर्व इलाके में पहुंचा अमेरिका अब खुद इस युद्ध से बाहर आने को बुरी तरह छटपटा रहा है और तमाम कोशिशों के बाद भी वह इस जंग से नाक बचाकर निकल नहीं पा रहा।

युद्ध विराम की एक दौर की वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका एक बार फिर बात के लिए तैयार हो गया, लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करना। उधर, बेगानी शादी में अब्दुल्ला बने पाकिस्तान में बातचीत का रेड कार्पेट ईरान के इनकार के बाद भी बिछ रहा है।

ईरान के इनकार से बिलबिलाए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर धमकी व दादागीरी पर उतर आए। उन्होंने पुनः दोहराया कि ईरान का एक-एक पुल व पॉवर प्लांट तबाह कर देंगे। इस सबके बीच अमेरिकी वार रूम पेंटागन की तैयारियां इशारा कर रही हैं कि अगर बातचीत नहीं होती है तो इस बार कुछ बड़ा होने जा रहा है।

यानी वार रिटर्न्स के पूरे आसार फिर बन गए हैं। बावजूद इसके अभी 24 घंटे शेष हैं। उम्मीद है अमेरिकी दादागीरी कम होगी और ईरान बातचीत के लिए पाकिस्तान आ जाएगा। तमाम संशय के बाद भी इस्लामाबाद की तैयारियां ये ही दर्शा रही हैं कि न-न कहते कहते इकरार हो जाएगा, प्यार हो जाएगा।

दु निया के मध्य पूर्व हिस्से में क्या वार रिटर्न्स होगी? चंद दिनों के युद्ध विराम के बाद क्या एक बार फिर अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच युद्ध शुरू होगा? इस बार का युद्ध क्या बड़ा होगा और वह क्या वर्ल्ड वार में तब्दील हो जाएगा?

ये तमाम सवाल एक बार फिर समूची दुनिया के समक्ष मंडरा गए हैं। इसका कारण है पाकिस्तान में होने वाली दूसरे दौर की ईरान अमेरिका की बातचीत पर मंडराए संशय से। युद्ध विराम को लेकर इस दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने से ईरान ने फिलहाल इनकार कर दिया है।

ईरान की इनकार की युद्ध की ललकार मानकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर धमकी पर उतर आए हैं। उन्होंने ईरान को चेताया है कि या तो डील मंजूर कीजिए या पूरी तरह बर्बाद होने को तैयार हो जाए। वार्ता की टेबल सजने में अब महज 24 घंटे शेष हैं, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि उसका कोई प्रतिनिधिमंडल पाक नहीं आएगा।

सीज फायर को लेकर दूसरे दौर की बातचीत पर संशय के बादल मंडराने के बावजूद पाकिस्तान में बातचीत को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारियां हो रही हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार रात तक अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान आ जाएगा।

इस प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा का साजो सामान लेकर अमेरिका के छह विमान आज सुबह पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर उतर गए हैं। वार्ता के स्थान होटल मेरियट को पूरी तरह से खाली करा लिया है और वार्ता स्थान के आसपास हजारों सुरक्षा जवान तैनात हो गए हैं।

मंगलवार को पाकिस्तान में आम अवकाश का भी ऐलान हो गया है। ये सब तैयारियां तब भी जारी हैं जब ईरान आने से मना कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान की तैयारियां बता रही हैं कि अंतिम समय में ईरान सहमत हो जाएगा और इस बार इस्लामाबाद से शांति की राह निकल जाएगी।

17 अप्रैल को होर्मुज को पूरी तरह खोलने का ऐलान करने वाला ईरान अब पूरी तरह से पलट गया है। कारण बनी है ईरान के आसपास समुद्र में बड़ी अमेरिकी नाकाबंदी। इस नाकाबंदी में ईरान के लगभग सभी बंदरगाह शामिल हैं।

इस नाकाबंदी ने ईरान को आगबबूला कर दिया है। उसने अमेरिका के इस एक्शन को समुद्र में डकैती करार देते हुए साफ कर दिया है कि बंदरगाह की नाकेबंदी ईरान की संप्रभुता पर हमला है। होर्मुज पर हमारी नाकाबंदी बरकरार रहेगी।

लिहाजा 17 अप्रैल को होर्मुज खोलने की घोषणा करने वाले ईरान ने एक बार फिर होर्मुज को ब्लॉक कर दिया है। उसके तेवर इतने सख्त है कि उसने भारतीय जहाज पर भी फायरिंग कर दी। हालांकि इस मामले में भारत में मौजूद ईरानी राजदूत ने स्थिति साफ कर तनाव बढ़ने से रोक लिया है।

अब ईरानी रिपब्लिकन गार्ड के हाथ में ईरान की कमान..!!
अब बताया जा रहा है कि ईरान में युद्ध की कमान अब पूरी तरह आईआरजीसी के हाथ में आ गई है। देश का नरमपंथी नेतृत्व अलग-थलग हो गया है। इसी कारण ईरान ने दुनिया को दो टूक कह दिया है कि वह अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका तो क्या, किसी भी देश को नहीं सौंपेगा।

गौरतलब ये कि मध्य पूर्व में भड़की युद्ध की आग का एक सबसे बड़ा कारण ईरान का ये यूरेनियम ही है। अमेरिका को डर है कि ईरान इसी परिष्कृत यूरेनियम से परमाणु बम बनाने में जुटा है। अब ईरान के इनकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने परमाणु ताकत बनने के प्रयास को खोएगा नहीं। यूरेनियम की इस जिद व होर्मुज पर नाकाबंदी ने शांतिवार्ता को खटाई में डाल दिया है।

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