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वंदे मातरम् विरोध: सीएम-मेयर मुलाकात; बंगाल पहुंचा ‘बाप में दम’

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 अप्रैल 2026, 1:28 pm
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वंदे मातरम् विरोध

रुबीना-फौजिया पर कसा कानूनी शिकंजा, डिजिटल रिकॉर्ड जब्त, खतरे में पार्षदी

भाजपा ने सभी 85 वार्डों में गाया वंदे मातरम्, कांग्रेस ने मामले को बताया जनहित के मुद्दे से ध्यान भटकाने का षड्‌यंत्र

इंदौर में हुआ वंदे मातरम् का खुल्लमखुल्ला विरोध पश्चिम बंगाल के चुनाव तक पहुंचा

मेयर ने राहुल गांधी से जवाब मांग राष्ट्रगीत के विरोध के मुद्दे को राष्ट्रीय धार दी, प्रदेश कांग्रेस असमंजस में

मुस्लिम महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी, पुलिस ने लिए सभापति व पार्षदों के बयान

राष्ट्रगीत अपमान पर इंदौर के आहत होने के बाद दिनभर सफाई देती रहीं दोनों महिला पार्षद, माफी भी मांगी

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अब भाजपा बताए, उसके बाप में कितना दम है..! क्या भाजपा नीत निगम परिषद राष्ट्रगीत का विरोध करने वाली पार्षदों की सदस्यता छीन पाएगी? इंदौर की इस तल्खी ने ‘ट्रिपल इंजिन’ सरकार को झकझोरा है। एक साथ ‘तीनों इंजिन’ हरकत में नजर आए।

पहले इंजिन के रूप में इंदौर नगर निगम सक्रिय हुआ। महापौर राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष हाजिर हुए। डिजिटल बजट के बहाने हुई इस मुलाकात ने वंदे मातरम् विरोध के मुद्दे को गति दे दी।

फिर दूसरा इंजिन स्टार्ट हुआ और थाने में प्रकरण दर्ज करने के लिए नारे लगाने वाले भाजपा पार्षदों की पुलिस ने तुरत-फुरत सुध ली और मुस्लिम महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी शुरू कर दी।

मामले में 70 से ज्यादा घंटे बीतने के बाद भाजपा पार्षदों व निगम सभापति के बयान दर्ज किए। डिजिटल रिकॉर्ड भी पुलिस ने जब्त कर लिया। इसके साथ ही पार्षद रुबीना खान व फौजिया शेख पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया।

जानकार इस प्रक्रिया से दोनों की पार्षदी को खतरे में बता रहे हैं। उधर, दोनों महिला पार्षदों को भी बड़े बोल बोलकर अहसास हुआ कि उनसे बड़ी चूक हो गई। लिहाजा शुक्रवार को अलग-अलग फोरम पर वे सफाई ही नहीं, माफी भी मांगती नजर आईं।

भाजपा के लिए तो ये घर बैठे बड़ा मुद्दा था। लिहाजा उसने शहर के सभी 85 वार्ड में वंदे मातरम् का गान किया और कांग्रेस को खूब कोसा। इंदौर के इस मुद्दे का पश्चिम बंगाल तक जा पहुंचना तीसरे इंजिन के भी गतिमान होने का इशारा कर रहा है।

वंदे मातरम् का गान किसी के बाप में दम हो तो करवाकर दिखाए...! दो मुस्लिम महिला पार्षदों की ये दंभोक्ति और चुनौती इंदौर से निकलकर इस राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिमचंद्र चटर्जी, यानी बंकिम दा के बंगाल तक जा पहुंची है।

ये मसला मध्यभारत की अहिल्या नगरी का था, लेकिन ये चुनावी बयार में बह रहे सीमावर्ती प्रांत पश्चिम बंगाल का मुद्दा बनता नजर आ रहा है। राष्ट्रगीत गाने को लेकर कांग्रेस की महिला पार्षदों की इस बेवजह की बयानबाजी ने ममता से बंगाल में दो-दो हाथ करती भाजपा के हाथों में बड़ा मुद्दा दे दिया है।

संसद के विशेष सत्र के जरिये केंद्र की एनडीए सरकार ने इसी बरस राष्ट्रगीत की 150वीं सालगिरह मनाई थी। तब कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस की अगुआई वाले इंडिया गठबंधन ने इसे पश्चिम बंगाल के चुनाव से जोड़ा था और भाजपा पर आरोप लगाया था कि राष्ट्रगीत के प्रति इस लाड़-दुलार के पीछे बंगाल का चुनाव है।

अब चलते चुनाव में इंदौर की मुस्लिम महिला पार्षदों की ‘बाप में दम’ वाले चैलेंज की रील और वीडियो पहुंच गए हैं। ‘बंगाल अस्मिता’ के नाम पर चुनावी रणभूमि में दो-दो हाथ कर रही भाजपा के लिए इंदौर की बयानबाजी मुफीद बनकर पहुंची है।

अब उसी चुनाव में भाजपा के हाथ इंडिया गठबंधन के सबसे बड़े दल कांग्रेस की पार्षद का वंदे मातरम् का इकबालिया व ऐलानिया विरोध मुद्दा लग गया। इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शायद इसी कारण राहुल गांधी से इस मामले में जवाब मांगा है। राहुल के पाले में गेंद फेंककर मेयर ने स्थानीय मुद्दे का राष्ट्रीयकरण कर दिया है।

उधर, शहर कांग्रेस की दो-टूक के बाद प्रदेश कांग्रेस में इस मसले पर असमंजस बना हुआ है कि महिला पार्षदों पर कार्रवाई करे या नहीं?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस पर सीधे बात करने से पूरे समय बच रहे हैं। पटवारी की सधी हुई प्रतिक्रिया इशारा कर रही है कि शहर कांग्रेस ने ज्यादा जल्दबाजी दिखा दी।

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