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वंदे मातरम् विवाद गरमाया: महापौर ने पीसीसी चीफ के बयान पर जताई आपत्ति; कहा- इस तरह के बयान देना शोभा नहीं देता

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 अप्रैल 2026, 2:40 pm
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वंदे मातरम् विवाद गरमाया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम के बजट सत्र में महिला कांग्रेस पार्षदों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर रविवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे गंभीर विषय बताया।

महापौर ने कहा कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का इस मामले पर रुख “घोर आपत्तिजनक” है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रगीत जैसे विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान पर पलटवार
दरअसल, शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर बयान दिया था, जिसके बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

सीएम को सौंपी गई डिजिटल बजट कॉपी
महापौर ने यह भी जानकारी दी कि नगर निगम के डिजिटल बजट की कॉपी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी गई है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के नक्शों की फीस में राहत देने को लेकर भी चर्चा की गई है।

महापौर ने कहा कि दोनों पार्षदों ने अलग-अलग समय पर मीडिया में अपने बयान दिए, इसके बावजूद कांग्रेस की अनुशासन समिति क्या जांच करेगी, यह वही बता सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में न तो कोई गंभीर कार्रवाई हुई और न ही स्थिति स्पष्ट की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उनके कार्यालयों में वंदे मातरम् गाया जाता है या नहीं। यदि गाया जाता है, तो जो लोग इसे नहीं गाते, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। यह भी सार्वजनिक होना चाहिए।

पीसीसी चीफ को ऐसी बातें शोभा नहीं देती- महापौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पटवारी ने जिस तरह “ईमानदार लोग हाथ उठाएं, हम भ्रष्टाचार साबित करेंगे” जैसी चुनौती दी, वह बेहद अजीब और अनुचित है।

यदि किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप है, तो उसे तथ्यों के साथ सार्वजनिक करना चाहिए। ईमानदारी को इस तरह चुनौती देने की परंपरा कब शुरू हुई, यह समझ से परे है। महापौर ने यह भी कहा कि जिन पर खुद भ्रष्टाचार के आरोप रहे और जिन्हें जनता ने नकार दिया, उन्हें इस तरह के बयान देना शोभा नहीं देता।

शहर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर की चर्चा
महापौर ने बताया कि नगर निगम के डिजिटल बजट की कॉपी सीएम डॉ. मोहन यादव को सौंपी गई है। इस दौरान शहर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खासतौर पर स्मार्ट सिटी के एरिया बेस डेवलपमेंट में नक्शा पास कराने की फीस को लेकर चिंता जताई गई।

उन्होंने कहा कि मौजूदा फीस आम लोगों पर काफी भारी पड़ रही है, छोटे प्लॉट पर भी 4-5 गुना ज्यादा शुल्क के कारण नक्शा पास कराना मुश्किल हो रहा है।

सामान्य दरों पर ही नक्शे की फीस लागू की जाए
उन्होंने सीएम और नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव से अनुरोध किया है कि स्मार्ट सिटी या एरिया बेस डेवलपमेंट क्षेत्र में भी सामान्य दरों पर ही नक्शे की फीस लागू की जाए। इसके अलावा जलूद में तैयार सोलर प्लांट के लोकार्पण के लिए भी सीएम को आमंत्रित किया गया है।


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