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वंदे मातरम् विवाद ने पकड़ा तूल: कांग्रेस पार्षद ने महापौर पर लगाए साजिश के आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 अप्रैल 2026, 3:55 pm
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वंदे मातरम् विवाद ने पकड़ा तूल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम सदन की बैठक में उठे ‘वंदे मातरम्’ विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। पूरे मामले में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और उनके पति शेख अलीम के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर साजिश के गंभीर आरोप लगाए हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद
8 अप्रैल को इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान विवाद तब शुरू हुआ, जब पार्षद फौजिया ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार किया। इस पर सभापति ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया।

इसके बाद पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी विवादित बयान देते हुए कहा कि किसी को जबरन ‘वंदे मातरम्’ नहीं बुलवाया जा सकता। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वह AIMIM में शामिल हो जाएंगी और कांग्रेस को लेकर भी नाराजगी जताई।

कांग्रेस पार्षद ने लगाए साजिश के आरोप
अब वार्ड 22 से कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने इस पूरे विवाद को “मिली-जुली साजिश” करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट (जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया) में दावा किया कि यह विवाद सुनियोजित तरीके से खड़ा किया गया।

भदौरिया का कहना है कि फौजिया पहले भी नेता प्रतिपक्ष रह चुकी हैं और पहले कभी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर आपत्ति नहीं जताई। ऐसे में अचानक यह विवाद खड़ा होना संदेह पैदा करता है।

महापौर और शेख अलीम के बीच ‘डील’ का आरोप
भदौरिया इस पूरे घटनाक्रम को साजिश बताते हुए इसे फौजिया के पति शेख अलीम और महापौर पुष्यमित्र भार्गव की डील बता रहे हैं। शेख अलीम एमपी कांग्रेस में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष हैं। साथ ही, वह स्टेट बार काउंसिल के चुनाव में उम्मीदवार हैं।

भदौरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि शेख अलीम को चुनाव जीतना है, इसके लिए उनकी महापौर से डील हुई है। इसमें था कि महापौर उन्हें चुनाव में वकीलों के वोट दिलवाएंगे।

इसके बदले में शेख अलीम पत्नी फौजिया के जरिए निगम में उनकी मदद करेंगी, क्योंकि इस बार भागीरथपुरा मुद्दे व निगम की आर्थिक तंगी के कारण बीजेपी बैकफुट पर है। इसी डील के तहत फौजिया ने यह विवाद खड़ा किया है।

देर से आने पर उठा सवाल, वहीं से भड़का मामला
भदौरिया के अनुसार, फौजिया का प्रश्नकाल में सवाल पहले नंबर पर था, लेकिन वह देर से पहुंची। बीजेपी पार्षद ने सिर्फ देरी का कारण पूछा था, लेकिन इसी दौरान ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बयान देने से विवाद बढ़ गया।

महापौर का पलटवार
आज 10 अप्रैल को महापौर पुष्यमित्र भार्गव के आह्वान पर शहर के 85 वार्डों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गान किया गया। महापौर ने कहा कि इस विवाद से कांग्रेस का “असली चेहरा” सामने आ गया है। उन्होंने राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस में अंदरूनी घमासान
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने साफ कहा कि ‘वंदे मातरम्’ पार्टी की पहचान है और हर कार्यक्रम में इसका गान अनिवार्य रहेगा। साथ ही रुबीना इकबाल के निष्कासन का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने भी दोनों पार्षदों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बीजेपी और अन्य संगठनों का विरोध
बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए दोनों पार्षदों के निष्कासन की मांग की है और पुलिस में शिकायत भी दी है। ABVP ने भी नगर निगम पर प्रदर्शन किया है।

कांग्रेस को झटका
इस पूरे मुद्दे ने कांग्रेस के कट्टर वोट बैंक (मुस्लिम) को हिला दिया है। रुबीना ने खुद कहा कि हम नौ मुस्लिम पार्षद हैं, कांग्रेस के पास है क्या? कांग्रेस अंदर ही अंदर हिंदू-मुस्लिम में बंट गई है। वहीं बड़े नेता इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

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