वंदे मातरम् विवाद: पार्षद पर कार्रवाई के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया यह जवाब; बोले- किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
इंदौर नगर निगम में वंदे मातरम् को लेकर हुए विवाद के बाद कांग्रेस पार्टी असहज स्थिति में नजर आ रही है। कांग्रेस पार्षदों फौजिया शेख अलीम और रूबीना इकबाल खान द्वारा राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार करने और बाद में रूबीना के विवादित बयान ने मामले को और तूल दे दिया है। इसके बावजूद पार्टी अब तक किसी ठोस कार्रवाई से बचती दिख रही है।
रूबीना का बयान बना विवाद की वजह
मीडिया से बातचीत में रूबीना इकबाल खान ने नाराजगी जताते हुए कहा-“कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी हर बार ऐसे मुद्दों पर पल्ला झाड़ लेती है और केवल वोट बैंक की राजनीति करती है। उनका यह बयान सामने आने के बाद कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कार्रवाई पर टालमटोल
इसी बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जब भोपाल में इस मामले को लेकर सवाल किए गए, तो वे सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का महत्व सभी जानते हैं और कांग्रेस को इस पर किसी “सर्टिफिकेट” की जरूरत नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि संबंधित पार्षदों पर कार्रवाई कब होगी, तो उन्होंने दो टूक कहा-“यह बताने के लिए मैं बाध्य नहीं हूं। जब निर्णय लिया जाएगा, तब जानकारी दे दी जाएगी।”
‘राष्ट्रगीत के सम्मान पर कोई सवाल नहीं’
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के इतिहास में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कई बड़े पदों पर रहे नेताओं ने हमेशा राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान किया है। उन्होंने दोहराया कि इस मुद्दे पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है और न ही होनी चाहिए।
संगठन में नाराजगी, निष्कासन की मांग
मामले को लेकर पार्टी के भीतर भी असंतोष बढ़ता दिख रहा है। कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने रूबीना के बयान को “अक्षम्य” बताया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के टिकट पर जीतकर जनप्रतिनिधि बने, उसी के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना अनुशासनहीनता है।इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर रूबीना इकबाल खान के निष्कासन की मांग की है। इस पर संगठन स्तर पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, नगर निगम की बजट बैठक के दौरान फौजिया शेख अलीम व रूबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम् गाने से इनकार कर दिया था। सभापति के निर्देश पर फौजिया ने यह भी कहा कि उन्हें वह नियम दिखाया जाए जिसमें इसे अनिवार्य बताया गया हो।
विवादित बयान दे दिया
इसके बाद जब पार्टी ने दूरी बनाई तो रूबीना का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विवादित बयान दे दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे ओवैसी की पार्टी AIMIM में जाने पर भी विचार कर सकती हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ इंदौर नगर निगम की राजनीति को गर्माया है, बल्कि कांग्रेस के भीतर अनुशासन, नेतृत्व और रणनीति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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