वंदे मातरम् विवाद: संभागायुक्त कार्यालय पर ज्ञापन देने पहुंचे गिने-चुने बीजेपी पार्षद; फौजिया-रुबीना के निष्कासन की मांग
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में नगर निगम के बजट सत्र के दौरान हुए ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पार्षद संभागायुक्त कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देने गए, लेकिन 65 पार्षदों में से महज करीब 20 की ही मौजूदगी देखने को मिली।
विवाद के बाद तेज हुई राजनीतिक हलचल
बुधवार, 8 अप्रैल को निगम के बजट सत्र में शुरू हुए इस विवाद को लेकर बीजेपी आक्रामक रुख में नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर बैकफुट पर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में बीजेपी पार्षदों ने सुदाम पी खाड़े को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में लगाए गंभीर आरोप
वार्ड 11 के पार्षद कमल वाघेला के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बजट सत्र के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करते हुए उसका अपमान किया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि दोनों पार्षदों द्वारा सदन में आपत्तिजनक और चुनौतीपूर्ण बयान दिए गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
निष्कासन और कड़ी कार्रवाई की मांग
बीजेपी पार्षदों ने दोनों पार्षदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्षद कमल वाघेला के साथ राजीव जैन और बबलू शर्मा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने वालों को पद से निष्कासित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी बीजेपी पार्षद इस कृत्य की निंदा करते हैं।
कम उपस्थिति पर उठे सवाल
हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी के 65 में से केवल करीब 20 पार्षदों की मौजूदगी ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया है। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर पूर्ण एकजुटता नहीं है।
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