महिला आरक्षण बिल पर हंगामा: काले कपड़ों में पहुंचे महापौर व पार्षद; लोकसभा में बिल पास नहीं होने से निगम में धन्यवाद की जगह पारित हुआ निंदा प्रस्ताव
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम में कल महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर बुलाया गया विशेष सम्मेलन हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसमें पहले बिल को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पास होना था, लेकिन लोकसभा में बिल पास न हो पाने के कारण पूरा घटनाक्रम बदल गया।
इसके विरोध में महापौर पुष्यमित्र भार्गव और भाजपा के कई पार्षद काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे। भाजपा ने इस दौरान कांग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया और इसे राष्ट्रपति को भेजने का निर्णय लिया।
सम्मेलन की शुरुआत सुबह 11 बजे सभापति मुन्नालाल यादव ने की। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सदन में कहा कि आज का दिन देश की महिलाओं के लिए बहुत बड़ा हो सकता था, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध करके बड़ी गलती की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के हक में बाधा डाली है, इसलिए सदन में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा जाता है। इस दौरान सदन में भाजपा पार्षदों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। वहीं, कांग्रेस की ओर से महज 7-8 पार्षद ही मौजूद थे, जिन्होंने इस प्रस्ताव का विरोध किया और बिल को संविधान के खिलाफ बताया।
विपक्षी पार्षदों ने बनाई दूरी, खासकर दोनों मुस्लिम पार्षद सदन में नहीं पहुंचीं
सम्मेलन में कांग्रेस के कई प्रमुख पार्षद शामिल नहीं हुए। खासकर मुस्लिम पार्षद फौजिया शेख अलीम और रूबीना इकबाल खान सदन में नहीं पहुंचीं। सदन में बहस शुरू हुई तो कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे व कुछ अन्य महिला पार्षदों की टिप्पणियों पर भाजपा पार्षदों ने कड़ा ऐतराज जताया।
हंगामा इतना बढ़ गया कि भाजपा पार्षद सभापति की आसंदी के पास जमा हो गए। माहौल बिगड़ता देख सभापति मुन्नालाल यादव ने विवादित शब्दों को रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश दिए और पार्षदों को शांत कराया। परिसर में उत्सव की बहुत बड़ी तैयारी की गई थी। भाजपा सरकार की इस उपलब्धि को मनाने के लिए भंडारे और बड़े कार्यक्रम का इंतजाम था।
हजारों लोगों के लिए खाना बन रहा था और भव्य टेंट और कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन जैसे ही लोकसभा में बिल पास न होने की खबर आई और सदन में निंदा प्रस्ताव पारित हुआ उत्सव का पूरा कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया।
कांग्रेस पार्षदों का आरोप- यह बिल केवल दिखावा था
महापौर ने सदन में साफ किया कि यह निंदा प्रस्ताव केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे विधिवत तरीके से राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। भाजपा का कहना है कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएंगे कि किस तरह विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को रोकने का काम किया है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि यह बिल केवल दिखावा था। इस सियासी खींचतान के बीच नगर निगम का यह विशेष सम्मेलन बिना किसी उत्सव के और भारी शोर-शराबे के साथ खत्म हुआ।
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