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परिवार ने थाना परिसर में खाया जहर: शराब ठेकेदार सूरज रजक की दुकान के मैनेजर और साथियों ने दी थी धमकी; पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप, पुलिस बोली-केस दर्ज कर लिया है

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 मई 2026, 12:53 pm
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परिवार ने थाना परिसर में खाया जहर

दो शराब तस्करों को पकड़वाने पर गुस्साया मैनेजर पहुंचा था बोलेरो भरकर धमकाने

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अवैध शराब की तस्करी पकड़वाना एक परिवार को इतना भारी पड़ गया कि डर, धमकी और पुलिस की कथित बेरुखी से टूटे परिवार ने थाने परिसर में ही जहर खा लिया।

धार जिले के मनावर में हुई इस सनसनीखेज घटना ने पुलिस व्यवस्था और शराब माफिया के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरोप है कि शराब तस्करों को पकड़वाने के बाद ठेकेदार के गुर्ग बोलेरो भरकर घर पहुंचे, गालियां दीं, झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और जब परिवार शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो वहां भी सुनवाई नहीं हुई।

ग्राम गणपुर (मनावर, धार) निवासी विनोद पिता नरेंद्र जायसवाल के अनुसार कल सुबह करीब 10 बजे भाई अनिल ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बाइक पर आइसक्रीम के झोले में अवैध शराब की तस्करी करते हुए दो युवकों को पकड़ा और डायल-112 को सूचना देकर गिरफ्तार करवा दिया।

नतीजा ये हुआ कि शराब ठेकेदार सूरज रजक की मनावर की शराब दुकान का मैनेजर कमलेश राठौड़ दोपहर करीब 2 बजे बिना नंबर की बोलेरो भरकर अपने साथियों के साथ मेरे घर पहुंच गया। दरवाजा खटखटाने पर मां ने खोला।

उन्हें देखते ही कमलेश गालियां देते हुए मेरे बारे में पूछने लगा। घबराकर मां ने दरवाजा लगाने की कोशिश की तो कमलेश धक्का देकर अंदर घुस गया। इस दौरान उसके साथी भी आ गए।

आरोपियों ने मेरे बारे में पूछते हुए मेरे माता-पिता और भाई अनिल को गालियां दीं। झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। इससे घबराए मेरे परिवार के लोग मनावर थाने केस दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की।

सूरज रजक, मैनेजर पिंटू और कमलेश जिम्मेदार
कल रात घटना के बाद विनोद जायसवाल का एक वीडियो वायरल हुआ। बड़वानी अस्पताल परिसर में बनाए वीडियो में विनोद का कहना है कि मेरे परिवार ने जहर खा लिया है।

इसके जिम्मेदार सूरज रजक और उसके आदमी मैनेजर पिंटू जायसवाल, कमलेश राठौड़ हैं। ये लोग मुझे मारने बोलेरो में मेरे घर आए थे।

मां के मिलने पर उन्हें गालियां देकर धमकाया और थाने पहुंचने पर उन्हीं पर केस दर्ज कराने लगे। मेरी परिस्थिति खराब है। मैं परेशान हूं।

टीआई ने भी हमारी एफआईआर नहीं लिखी। इस कारण मैं परेशान था और मेरे परिवार ने जहर खा लिया।

पुलिस के सामने भी धमकी दी
उन्होंने बताया कि दूसरा पक्ष भी थाने जा पहुंचा और पुलिस के सामने ही मेरे परिवार को धमकी देने लगा। इसके बाद पुलिस मेरे परिवार पर ही कार्रवाई की बात कहने लगी।

मारे डरकर परेशान होकर मेरी मां चिंतामन बाई, पिता नरेंद्र और भाई अनिल ने थाना परिसर में ही जहर खा लिया।

इससे घबराए पुलिसकर्मी पहले तीनों को शासकीय अस्पताल ले गए, जहां डॉ. हिमांशु पटेल ने भर्ती कर तीनों का इलाज किया और बाद में उन्हें बड़वानी रैफर कर दिया।

इसके बाद रात करीब 9 बजे मनावर पुलिस ने मामले में कमलेश राठौड़ व अन्य पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

जिनका नाम लिया उन पर केस दर्ज किया
पीड़ित जायसवाल परिवार ने केस दर्ज कराते समय शराब दुकान के मैनेजर व उसके अन्य साथियों का ही नाम लिया था, इसलिए सिर्फ उन्हीं पर केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई जारी है। - ईश्वरसिंह चौहान (टीआई, मनावर थाना)

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