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नगर निगम बजट सत्र में हंगामा: कांग्रेस पार्षद ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कहा; सदन में जमकर नारेबाजी

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संवाददाता

08 अप्रैल 2026, 12:59 pm
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नगर निगम बजट सत्र में हंगामा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम का बजट सत्र बुधवार को भारी हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच चलता रहा। बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद द्वारा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कहे जाने पर सदन में तीखी बहस छिड़ गई और माहौल गरमा गया।

‘गद्दार’ शब्द से भड़का विवाद
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई बैठक में शुरुआत से ही तनाव का माहौल था। पहले कांग्रेस पार्षद सोनिला मिमरोट ने भागीरथपुरा मामले को ‘हत्याकांड’ बताया, जिस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई।

भाजपा पार्षदों में आक्रोश
यह विवाद थमा भी नहीं था कि चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने पहले पार्षद योगेश गेंदर और फिर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कह दिया। इस बयान के बाद भाजपा पार्षदों में आक्रोश फैल गया और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।

बीजेपी पार्षदों का विरोध, धरने पर बैठे
योगेश गेंदर को मंत्री तुलसीराम सिलावट का करीबी माना जाता है, जबकि सिलावट भी वर्ष 2020 में सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी किए जाने पर भाजपा पार्षद भड़क उठे। गुस्साए पार्षदों ने सभापति को घेर लिया और विरोध जताते हुए सदन के भीतर ही धरने पर बैठ गए, जिससे कार्यवाही बाधित हो गई।

कांग्रेस का पलटवार-“गद्दार को गद्दार ही कहेंगे”
विवाद के दौरान कांग्रेस महिला पार्षदों ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे सदन को गद्दार नहीं कहा, बल्कि उन लोगों को कहा है जिन्होंने पार्टी छोड़ी है।

माफी की मांग पर तीखा जवाब
नेता प्रतिपक्ष ने भी माफी की मांग पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि “अगर कोई गद्दार है, तो उसे गद्दार ही कहा जाएगा, वफादार नहीं।” इस बयान के बाद माहौल और ज्यादा गर्म हो गया।

सभापति ने दिए शब्द हटाने के निर्देश
स्थिति को संभालने के लिए सभापति मुन्नालाल यादव ने ‘गद्दार’ शब्द को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए और संबंधित पार्षद से माफी मांगने को कहा। हालांकि, राजू भदौरिया ने शुरुआत में माफी मांगने से इनकार कर दिया, जिससे सदन की कार्यवाही लंबे समय तक ठप रही।

अन्य मुद्दों पर भी हुआ टकराव
बजट सत्र के दौरान कांग्रेस ने भागीरथपुरा में हुई मौत को लेकर सरकार को घेरा और इसे ‘हत्याकांड’ बताया, जबकि भाजपा ने इसे दुर्घटना करार दिया।

निगम की जमीन और संपत्तियों को लेकर भी सवाल
इसके अलावा निगम की जमीन और संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए। एमआईसी सदस्य राजेश उदावत और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आश्वासन दिया कि सभी जानकारियां सही तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। सभापति ने भी गलत जानकारी देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

हंगामे के बाद मांगी माफी, फिर शुरू हुई कार्यवाही
लगातार हंगामे के बाद अंततः राजू भदौरिया ने कहा कि “जाने-अनजाने जो हुआ, उसके लिए मैं माफी मांगता हूं, क्योंकि मैं चाहता हूं कि सदन सुचारू रूप से चले।” इसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ और सदन में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों के बीच कार्यवाही दोबारा शुरू की गई।

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