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दो प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत: मुख्यमंत्री बोले- सिंहस्थ महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए दूरगामी योजनाएं तैयार कर रहे

KHULASA FIRST

संवाददाता

31 मार्च 2026, 5:57 pm
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दो प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें "विरासत के साथ विकास" के मंत्र को आत्मसात करते हुए सुशासन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में साझा संस्कृति विकसित कर रही हैं। यह न केवल दोनों राज्यों के संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि जन-कल्याण के नए मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का भ्रमण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के भ्रमण के दौरान कही। सीएम ने वाराणसी भ्रमण की शुरूआत काशी विश्वनाथ जी के दर्शन और पूजन के साथ की। घाट पहुँचकर पतित पावनी माँ गंगा के दर्शन, पूजन किया और गंगाजल से आचमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के धाम में आकर जो आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है, वह अद्भुत है।

काशी-महाकाल के बीच व्यवस्थाओं का साझा संगम
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वाराणसी भ्रमण के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का भ्रमण कर कहा कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के धामों के बीच व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू (MOU) किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दर्शनार्थियों को सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सिंहस्थ महाकुंभ-2028 के लिए प्रबंधन का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने वाराणसी के अनुभवों को मध्यप्रदेश के उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रेजेंटेशन से कॉरिडोर में तीर्थयात्री प्रबंधन, क्राउड कंट्रोल (भीड़ प्रबंधन), दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का बारीकी से अवलोकन किया।

प्रयागराज कुंभ और काशी कॉरिडोर के प्रबंधन से सीख
उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ और काशी कॉरिडोर के प्रबंधन से सीख लेकर हम उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए दूरगामी योजनाएं तैयार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन की उच्चतम और सुगम व्यवस्था देना हमारा लक्ष्य है। प्रेजेंटेशन से तीर्थ स्थल प्रबंधन की एसओपी (SOP) को समझा।

वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का भव्य मंचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आगामी 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य शोध संस्थान के माध्यम से आयोजित होने वाले इस महानाट्य में सैकड़ों कलाकार हिस्सा लेंगे, जिसमें हाथी, घोड़े और ऊंटों के साथ प्राचीन विधाओं का जीवंत प्रदर्शन होगा।

आर्थिक और बुनियादी ढांचे के सहयोग का भी उल्लेख
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते आर्थिक और बुनियादी ढांचे के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से दोनों राज्यों के किसानों का भाग्य बदल रहा है। दोनों राज्यों के किसानों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी।

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