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मप्र के दो केंद्रीय मंत्रियों का कट सकता है पत्ता

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 मार्च 2026, 4:46 pm
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मप्र के दो केंद्रीय मंत्रियों का कट सकता है पत्ता

महेश दीक्षित 98935-66422 खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
नई दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज है। ‘टीम नवीन’ के गठन की चर्चा के साथ ही मोदी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों का बाजार गर्म है। बताते हैं केंद्र सरकार के सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जा रही है और इसी के आधार पर मंत्रियों का भविष्य तय होगा। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया जाएगा, वे अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहेंगे, जबकि कमजोर प्रदर्शन वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

वर्तमान में मोदी मंत्रिमंडल में मप्र से पांच मंत्री प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लेकिन इनमें से तीन केंद्रीय मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। इस कारण कहा जा रहा है कि जब भी मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, मप्र के कम से कम दो मंत्रियों का पत्ता कट सकता है। उनकी जगह मप्र के दो नए चेहरों को मोदी मंत्रिमंडल में अवसर मिल सकता है। अब वे दो नये ‘खुशनसीब’ चेहरे कौन होंगे? यह तो स्पष्ट नहीं। लेकिन इतना तय है, आने वाले दिनों में मप्र की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

मोर्चा अध्यक्ष के ठेंगे पर नेतृत्व !
मप्र भाजपा के एक युवा नेता (मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष) इन दिनों अपनी कार्यशैली और अंदाज को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा में हैं। बताया जाता है कि जब से इस युवा नेता को मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब से इसके पांव जमीन पर नहीं टिक रहे हैं।

और नियुक्ति के बाद से युवा नेता अलग ही एजेंडे पर चल रहे हैं। एजेंडा यह कि आए दिन दिल्ली परिक्रमा कर केंद्रीय मंत्रियों और पदाधिकारियों से तो मेल-मुलाकात कर रहे हैं। इसके साथ प्रदेश के मंत्रियों से तालमेल बैठाने में जुटे हैं। बताते हैं प्रदेश नेतृत्व युवा नेता को मेल-मुलाकातों से परहेज करने और संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान देने की नसीहत भी दे चुका है।

इसके बावजूद युवा नेता हर दिन बुके-शॉल लेकर किसी न किसी वरिष्ठ नेता या मंत्री से मुलाकात करने पहुंच जाते हैं। नारदजी कहते हैं युवा नेता मेल-मुलाकातों में इतनी रुिच क्यों ले रहे हैं, इसका राजनीतिक गणित वो जानें। लेकिन युवा नेता ने यह तो जता दिया कि पार्टी नेतृत्व उनके ठेंगे पर है?

साहब का दफ्तर शाम 7 बजे के बाद हो जाता है ‘रंगीन’!
राजधानी भोपाल स्थित सड़क निर्माण से जुड़े मुख्यालय पदस्थ एक ‘बड़े इंजीनियर साहब’ इन दिनों ‘रंगीन अंदाज’ में नौकरी कर रहे हैं। दिनभर सबको ‘इंटरटेन’ करो, दफ्तर का काम निपटाओ और शाम होते ही औपचारिकताएं भूलकर ‘रंगीन’ अंदाज में ढल जाओ। कहा जाता है शाम 7 बजते ही मुख्यालय में ‘इंजीनियर साहब’ की ‘रंगीन महफिल’ सजने लगती है।

महफिल में ‘इंजीनियर साहब’ कुछ ‘सुंदर चेहरों’ के साथ देर रात तक मस्ती में डूबे रहते हैं और महफिल उठते-उठते हाल ‘मस्त-मस्त, पस्त-पस्त’ जैसा हो जाता है। नारदजी बताते हैं कि ‘इंजीनियर साहब’ की ‘रंगीन महफिलों’ की मुख्यालय से राज्य मंत्रालय तक चर्चा है। लेकिन, कोई एक्शन इसलिए नहीं, क्योंकि ‘इंजीनियर साहब’ ने सबको ‘मैनेज’ कर रखा है।

राजनीतिक नियुक्ति के लिए ‘चैनलिया रिपोर्टर’ की सिफारिश!
मप्र के एक प्रादेशिक न्यूज चैनल के ‘मुखर रिपोर्टर’ के जल्द ही भाजपा की सक्रिय राजनीति में कदम रखने की चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि इस ‘चैनलिया रिपोर्टर’ सहित तीन नेताओं के नाम प्रदेश सरकार के निगम-मंडलों, प्राधिकरणों अथवा आयोगों में समायोजन के लिए ‘ऊपर’ भेजे गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, शीर्ष स्तर से की गई सिफारिश में ‘चैनलिया रिपोर्टर’ को एक महत्वपूर्ण आयोग में सदस्य बनाए जाने का विशेष आग्रह किया गया है। बताते हैं कि ‘मुखिया’ की ओर से फिलहाल कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का रुख अनुकूल करना अभी बाकी है। इसी सिलसिले में ‘चैनलिया रिपोर्टर’ इन दिनों दिल्ली दरबार की परिक्रमा कर रहे हैं। अब ‘चैनलिया रिपोर्टर’ की किस्मत...सिफारिश राजनीतिक कुर्सी दिला पाती है या नहीं?

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