गुरुवार और वास्तु: सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का दिन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भारतीय परंपरा में गुरुवार को विशेष रूप से शुभ माना जाता है, खासकर जब बात वास्तु शास्त्र की हो। यह दिन बृहस्पति ग्रह से जुड़ा होता है, जिसे ज्ञान, धन और सौभाग्य का कारक माना जाता है। इसी कारण गुरुवार को घर और जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए उपयुक्त समय माना जाता है।
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिन घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को साफ और व्यवस्थित रखना विशेष लाभकारी होता है। यह दिशा आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र मानी जाती है और इसे स्वच्छ रखने से मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता में मदद मिलती है।
धार्मिक मान्यताओं के तहत गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन पीले रंग का प्रयोग—जैसे पीले वस्त्र पहनना या घर में हल्दी का उपयोग—शुभ फल देने वाला माना जाता है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और केले के पेड़ की पूजा करते हैं, जो समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
वास्तु के अनुसार गुरुवार को कुछ कार्यों से बचने की सलाह भी दी जाती है, जैसे घर की पेंटिंग शुरू करना, भारी तोड़-फोड़ या नकारात्मक ऊर्जा से जुड़े बदलाव। इसके बजाय यह दिन शिक्षा, दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अधिक अनुकूल माना जाता है।
इस तरह गुरुवार केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा दिन नहीं, बल्कि वास्तु सिद्धांतों के अनुसार जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और प्रगति लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
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