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तीन मरीजों को मिला नया जीवन: ब्रेन डेड युवक का अंगदान; बना ग्रीन कॉरिडोर, परिवार ने पेश किया मानवता का उदाहरण

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 मार्च 2026, 4:23 pm
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तीन मरीजों को मिला नया जीवन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में एक बार फिर अंगदान ने तीन जिंदगियों को नई उम्मीद दी है। शुजालपुर निवासी 34 वर्षीय अनुपम नालमे के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिवार ने मानवता का उदाहरण पेश करते हुए अंगदान का निर्णय लिया। मंगलवार को 67वां ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लिवर और दोनों किडनी का सफल ट्रांसप्लांट किया गया।

इलाज के दौरान ब्रेन डेड घोषित
अनुपम को 20 मार्च को घर पर गंभीर ब्रेन हेमरेज हुआ था। पहले उन्हें वी-वन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, फिर 22 मार्च को सीएचएल केयर हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। यहां डॉक्टरों ने दो बार परीक्षण के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।

परिवार ने दिखाई सहमति
मुस्कान ग्रुप के सेवादारों की काउंसलिंग के बाद परिजनों ने अंगदान के लिए सहमति दी। परिवार ने अधिक से अधिक अंग दान करने की इच्छा जताई, जिससे कई जरूरतमंद मरीजों को जीवन मिल सके।

तीन मरीजों को मिला जीवन
मंगलवार को बने ग्रीन कॉरिडोर के जरिए लिवर और एक किडनी सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती 44 और 34 वर्षीय महिलाओं को ट्रांसप्लांट की गई। वहीं दूसरी किडनी शैल्बी हॉस्पिटल पहुंचाकर 39 वर्षीय पुरुष को प्रत्यारोपित की गई।

अन्य अंगों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास
परिवार की इच्छा के अनुसार हाथ, पैंक्रियाज, बोन, हार्ट वाल्व और छोटी आंत के लिए SOTO और NOTO द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी किया गया, लेकिन तकनीकी कारणों और तत्काल जरूरत न होने से इनका उपयोग नहीं हो सका। अनुपम की त्वचा भी दान की गई है, जिसका उपयोग अन्य मरीजों के इलाज में किया जाएगा।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विदाई
अंगदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुपम नालमे को सम्मानपूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान परिजन और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहे।परिजनों के अनुसार अनुपम सिविल इंजीनियर थे और समाजसेवा में सक्रिय रहते थे। उनका यह निर्णय कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।

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