सांई कृपा कॉलोनी में फिर जहरीले पानी का खतरा: भागीरथपुरा की त्रासदी के बाद भी नहीं जागा सिस्टम
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई लगभग 40 मौतों की भयावह घटना अभी शहरवासी भूल भी नहीं पाए कि अब सांई कृपा कॉलोनी में भूजल में खतरनाक जीवाणुजनित प्रदूषण का खुलासा हुआ है। सवाल साफ है क्या सिस्टम फिर किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है?
भागीरथपुरा में जहरीला पानी पीने से हुई लगभग 40 मौतों ने इंदौर को देशभर में शर्मसार कर दिया था। राष्ट्रीय एजेंसियों ने जांच की, वैज्ञानिकों ने परीक्षण किए, नेताओं ने बयानबाजी की, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी जस की तस है।
सांई कृपा कॉलोनी में ‘जहर’ का खुलासा
भूजल विशेषज्ञ सुधींद्र मोहन शर्मा की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा किया है। यहां बोरवेल के पानी में ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए। टोटल बैक्टीरियल काउंट बेहद उच्च स्तर पर मिला। पानी बदबूदार, मटमैला और काले रंग का हो चुका है। यह साफ संकेत है कि लोग सीधे-सीधे बीमारी नहीं, मौत का पानी पी रहे हैं।
320 फीट से ज्यादा गहरे बोरवेल प्रदूषित
जांच में खुलासा हुआ कि 320 फीट से ज्यादा गहरे बोरवेल ही प्रदूषित हैं। पास के खाली प्लॉट्स में सीवर का गंदा पानी जमा है। उसी क्षेत्र में नया गहरा बोरवेल खोदा गया, जिससे सीवर का गंदा पानी सीधे गहरे भूजल में पहुंच गया और उसे संक्रमित कर दिया।
प्रशासन की लापरवाही या आपराधिक चूक?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीवर का पानी खुले में क्यों जमा होने दिया गया? नए बोरवेल की ड्रिलिंग बिना सुरक्षा उपायों के कैसे हो गई? क्या नगर निगम को इस खतरे की भनक तक नहीं थी? अगर जवाब ‘नहीं’ है, तो यह सीधे-सीधे जनता की जान से खिलवाड़ है।
सजगता से टली बड़ी त्रासदी
गनीमत रही कि रहवासियों ने समय रहते समस्या पहचानी। विशेषज्ञ को बुलाकर जांच करवाई, स्थानीय जनप्रतिनिधि और निगम अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। वरना भागीरथपुरा की तरह यहां भी मौतों का सिलसिला शुरू हो जाता।
अब यह होना चाहिए...
रिपोर्ट में साफ निर्देश दिए गए हैं कि जमा सीवर जल को तुरंत हटाकर एसटीपी में निस्तारित किया जाए। बोरवेल को पूरी तरह सीमेंट सीलिंग और ग्राउटिंग से सुरक्षित किया जाए। प्रदूषित जलभृत की डीवाटरिंग की जाए। जल गुणवत्ता की लगातार निगरानी हो। यह घटना पूरे शहर के लिए रेड अलर्ट है।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!