इस चर्चित माॅडल ने लिया संन्यास: अब इस नाम से जानी जाएंगी; तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी संपन्न करवाए
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
उज्जैन में अक्षय तृतीया के अवसर पर रविवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और मॉडल हर्षा रिछारिया ने संन्यास ग्रहण कर लिया। अब वे नए आध्यात्मिक नाम स्वामी हर्षानंद गिरि से जानी जाएंगी। यह संन्यास दीक्षा उज्जैन स्थित मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि द्वारा दी गई।
विधि-विधान से हुआ संन्यास संस्कार
संन्यास परंपरा के अनुसार उन्हें शिखा और दंड त्याग की विधि कराई गई। साथ ही तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी संपन्न कराए गए, जिसे पूर्व जीवन के पूर्ण त्याग और नए आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद उन्होंने औपचारिक रूप से संन्यास ग्रहण किया और अपना नया नाम स्वीकार किया।
नया अध्याय शुरू करने का संकल्प
दीक्षा के दौरान स्वामी सुमनानंद गिरि ने कहा कि संन्यास एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति सांसारिक जीवन त्यागकर आध्यात्मिक मार्ग अपनाता है। उन्होंने कहा कि संन्यासियों का आचरण समाज और परंपरा दोनों पर प्रभाव डालता है, इसलिए मर्यादा का पालन आवश्यक है। संन्यास लेने के बाद हर्षा रिछारिया ने संकल्प लिया कि वे अपना जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा को समर्पित करेंगी और संन्यास की परंपराओं का पालन करेंगी।
परिवार और पृष्ठभूमि
हर्षा रिछारिया का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है और वर्तमान में भोपाल में रहता है। उनके पिता बस कंडक्टर हैं और मां बुटीक चलाती हैं। एक भाई निजी नौकरी करता है।
सोशल मीडिया और करियर
संन्यास से पहले वे स्टेज एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में सक्रिय थीं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं, जहां वे सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट साझा करती थीं। उन्होंने ग्रेजुएशन के साथ अहमदाबाद से योग का विशेष कोर्स भी किया है। वे निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि की शिष्या भी बताई जाती हैं।
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