इस शहर ने भर दिया सरकार का खजाना: शराब दुकानों की नीलामी से जुटाया इतने करोड़ से अधिक का राजस्व; ऐसा करने वाला प्रदेश का पहला जिला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश में जहां कई जिलों में आबकारी ठेकों की नीलामी को लेकर सुस्ती देखी जा रही है, वहीं इंदौर ने रिकॉर्ड बनाते हुए सरकार के खजाने को भर दिया है। जिले में शराब दुकानों की नीलामी से 2000 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व जुटाकर इंदौर प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जिसने यह आंकड़ा पार किया है।
156 दुकानें बिकीं, 2001 करोड़ से ज्यादा राजस्व
इंदौर आबकारी विभाग की कुल 173 दुकानों में से अब तक 156 दुकानें बिक चुकी हैं। इनसे 2001.91 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि जिले का कुल लक्ष्य 2100 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है।
अब मात्र 18 दुकानें बाकी
अब केवल 18 दुकानें शेष हैं, जिनसे न्यूनतम 258 करोड़ रुपए और मिलने की संभावना है। ऐसे में साफ है कि इंदौर जल्द ही निर्धारित लक्ष्य को पार कर नया रिकॉर्ड कायम कर सकता है।
नई ग्रुपिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शराब दुकानों की नई ग्रुपिंग करवाई थी। इसमें महंगी और कम आय वाली दुकानों को मिलाकर समूह बनाए गए, जिससे नीलामी में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और अधिक बोली लगी। इस रणनीति का सीधा असर राजस्व पर पड़ा और अधिकांश समूह अपेक्षा से ज्यादा कीमत पर उठे।
बेस प्राइस से 8.5% अधिक बोली
बेची गई 156 दुकानों का बेस प्राइस 1844.11 करोड़ रुपए था, जबकि ये दुकानें 2001.91 करोड़ रुपए में बिकीं। यानी विभाग को करीब 157.80 करोड़ रुपए (लगभग 8.56%) अतिरिक्त प्राप्त हुए। पिछले वर्ष 2025–26 में इन्हीं दुकानों से 1536.76 करोड़ रुपए मिले थे। इस बार के मुकाबले यह करीब 465.15 करोड़ रुपए (लगभग 30.27%) की उल्लेखनीय बढ़ोतरी है।
बड़े समूहों में रिकॉर्ड बोली
नीलामी के दौरान कई प्रमुख समूहों में तय कीमत से कहीं अधिक बोली लगी- स्कीम नंबर 54 समूह: 134.95 करोड़ के मुकाबले 153.33 करोड़, एमआईजी समूह: 98.03 करोड़ के मुकाबले 111.11 करोड़, एमआर-9 समूह: 130.09 करोड़ के मुकाबले 150.20 करोड़, चंद्रगुप्त चौराहा (एमआर-10): 99.38 करोड़ के मुकाबले 113.57 करोड़ और मांगलिया समूह: 41.94 करोड़ के मुकाबले 52.83 करोड़। विभागीय विश्लेषण के अनुसार, कई समूहों में 30% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रतिस्पर्धा बढ़ने और मोनोपॉली खत्म होने का संकेत है।
लक्ष्य से आगे निकलने की तैयारी
आंकड़ों के अनुसार, इंदौर आबकारी विभाग का 2100 करोड़ रुपए का लक्ष्य अब लगभग हासिल होने की कगार पर है। शेष दुकानों की नीलामी पूरी होते ही यह लक्ष्य पार हो जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस बार की नीलामी ने न सिर्फ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
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