मौसम ने फिर ली करवट: इतने जिलों में चली लू; इन स्थानों पर बारिश का भी अलर्ट; जानिये पारा कहां जा पहुंचा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को जहां कई जिलों में तेज गर्म हवाएं चलीं, वहीं कुछ इलाकों में बादल भी छाए रहे। इस बीच तापमान में भी तेजी देखने को मिली। रतलाम में पारा रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
इन जिलों में लू का अलर्ट, कई जगह बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं करीब 6 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।
अप्रैल में दूसरी बार बदलेगा मौसम
अप्रैल महीने में यह दूसरी बार है जब प्रदेश में बारिश का सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इससे पहले 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेशभर में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली थी। इसके बाद करीब 10 दिनों तक तेज गर्मी का दौर चला। अब एक बार फिर मौसम विभाग, भोपाल ने बारिश और बदलते मौसम की चेतावनी जारी की है।
प्रदेश में पहली बार 44 डिग्री के पार पारा
इस गर्मी के सीजन में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। रतलाम सबसे गर्म रहा। इसके अलावा उमरिया में 43.8°C, मंडला में 43.2°C तापमान दर्ज किया गया।
अन्य शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखा। खजुराहो (छतरपुर) में 42.9°C, गुना में 42.8°C, दतिया में 42.6°C, दमोह-नौगांव में 42.5°C और टीकमगढ़-सतना में करीब 42.2°C तापमान रहा।
बड़े शहरों का हाल
प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 41.9°C दर्ज किया गया। इसके बाद जबलपुर में 41.7°C, भोपाल में 41.4°C, उज्जैन में 40.6°C और इंदौर में 40.4°C तापमान रहा।
गर्मी से बचाव के लिए एडवायजरी जारी
मौसम विभाग ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर में तेज धूप से बचें। हल्के और सूती कपड़े पहनें और बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
आने वाले दो दिन का मौसम
अगले 48 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और कहीं-कहीं तेज गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
अप्रैल-मई: गर्मी के चरम महीने
मौसम विभाग के अनुसार, जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही अप्रैल और मई गर्मी के पीक महीने माने जाते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी तेज होने लगती है, जो मई में चरम पर पहुंचती है।
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