नियम-कायदों को पानी में बहा रहा वाटरमैन: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहा लाखों का हिसाब-किताब; सरकारी आवास पर भी जमा रखा है कब्जा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आदिम जाति कल्याण विभाग में वाटरमैन के पद पर नियुक्त सचिन मंडलोई नियमों को पानी में बहाते हुए कम्प्यूटर विभाग में ऑपरेटर बन बैठा व रोजाना लाखों का हिसाब-किताब कर रहा है। इसमें जमकर धांधली कर रहा है, जिसकी जानकारी अफसरों को है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। एक तरह से उन्होंने मंडलोई को खुली छूट दे दी है और व मनमानी पर उतारू है।
वो कई वर्षों से वाटरमैन यानी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है और उसकी जिम्मेदारी विभाग में चपरासी की तरह काम करने की है, लेकिन उसने ये काम छोड़कर कम्प्यूटर संभाल रखा है। वो दिनभर कम्प्यूटर पर बैठकर लाखों का हिसाब-किताब करता है। लाखों रुपए के बिल और अन्य दस्तावेज उसके हाथों से होकर गुजरते हैं।
उसे अधिकारियों की शह है या वो अधिकारियों के कारनामों को छिपाने का काम करता है। वो अपना मूल काम छोड़कर दिनभर कम्प्यूटर के सामने बैठकर काला-पीला करता रहता है। कलेक्टर द्वारा 15 अप्रैल 2020 को जारी आदेश की सूची में 30वें नंबर पर उसके नाम के आगे वाटरमैन लिखा है, लेकिन काम वो कंप्यूटर ऑपरेटर का कर रहा है।
इस आदेश में उसकी जन्म तारीख 21 जनवरी 1980 दर्ज है और प्रथम नियुक्ति 1 जनवरी 2004 को है, लेकिन वो कुछ दिन ही वाटरमैन का कार्य करता रहा और फिर अधिकारियों के साथ सेटिंग करके कम्प्यूटर ऑपरेटर की कुर्सी पर बैठ गया। अब वो बेधड़क दिनभर कम्प्यूटर के सामने बैठकर लाखों के दस्तावेजों को देखता है, पढ़ता है और कम्प्यूटर में इंट्री करता है। सूत्रों का कहना है कि आदिम जाति कल्याण विभाग में की जा रही धांधली का सारा कच्चा चिट्ठा वो कम्प्यूटर में इंट्री के जरिए हेराफेरी कर रहा है।
छात्रावास में कब्जा जमाया
पता चला है कि वॉटरमैन सचिन मंडलोई ने 20 साल से सांवरिया नगर स्थित जूनियर अजा छात्रावास में कब्जा जमा रखा है। जबकि नियमों के मुताबिक वो इसका पात्र नहीं है। इस आवास के पानी और बिजली के बिल का भुगतान भी शासकीय मद से हो रहा है। छात्रावास के अधीक्षक जितेंद्र कडवाल ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा। सवाल उठता है कि एक मामूली पद पर नियुक्त कर्मचारी से कम्प्यूटर ऑपरेटर जैसा महत्वपूर्ण कार्य क्यों करवाया जा रहा है।
अफसर मेहरबान तो सचिन पहलवान, बन बैठा कुशल श्रमिक
विभागीय सूत्रों ने बताया कि वाटरमैन के पद पर मूल नियुक्ति पाने वाले सचिन मंडलोई ने अधिकारियों के साथ साठगांठ करके खुद को कुशल श्रमिक श्रेणी में करवा लिया है। ये पद उसने मौखिक तौर पर हासिल किया है, जबकि इसकी कोई सूची जारी नहीं हुई है। ये मामला केवल सचिन का ही नहीं है, विभाग में ऐसे और भी कर्मचारी हैं जो नियुक्त तो किसी अन्य पद पर हैं, लेकिन काम किसी और पद पर कर रहे हैं।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!