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हीरा नगर के केस में पलट गई बाजी: क्राइम ब्रांच पहुंचे पीड़ित; बंधक बनाने वाली स्टोरी पर उठे सवाल, गारमेंट कारोबार के नाम पर 3.5 करोड़ की ठगी का आरोप

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संवाददाता

17 अप्रैल 2026, 4:19 pm
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हीरा नगर के केस में पलट गई बाजी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पिछले दिनों हीरा नगर में दंपति को रातभर बंधक बनाने की कहानी अब उलटी पड़ती नजर आ रही है। बुजुर्ग दंपति के बेटे गारमेंट कारोबार के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप एक-दो नहीं, बल्कि क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे दर्जनभर लोगों ने लगाया है।

इस केस में आए नए आरोपों ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी है। सवाल ये है कि असली पीड़ित कौन- बंधक बना बुजुर्ग परिवार या करोड़ों गंवाने का दावा करने वाले निवेशक? उल्लेखनीय है तीन दिन पहले रमेश जोशी ने हीरा नगर थाने में उन्हें व पत्नी को रातभर बंधक बनाने और हमला करने का आरोप लगाते हुए अंकित, अभिषेक व गुलशन के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

आरोपी पक्ष का कहना था कि वे रमेश जोशी के बेटे अंकित से 40 लाख रुपए के लेनदेन के लिए गए थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं अब इस पूरे मामले को लेकर एक बड़ा पलटवार सामने आया है। कल करीब एक दर्जन लोग क्राइम ब्रांच डीसीपी ऑफिस पहुंचे।

उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित जोशी और उसका परिवार पीड़ित नहीं, करोड़ों की ठगी करने वाला गिरोह है। सभी का दावा है कि अंकित ने ब्रांडेड फैशन और गारमेंट इंडस्ट्री के नाम पर उन्हें निवेश के लिए फंसाया और 25 से 85 फीसदी तक मुनाफे का लालच देकर करीब 3.5 करोड़ रुपए ऐंठ लिए।

बताया गया कि द क्लासिको, कुशाक इंडस्ट्रीज और शिवाक इंटरप्राइजेस जैसे नामों का सहारा लेकर सुनियोजित तरीके से लोगों को जाल में फंसाया गया। रकम ऑनलाइन और कैश दोनों तरीके से ली गई और छह महीने में पैसा लौटाने का वादा किया गया, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी किसी को एक रुपया तक नहीं मिला।

अंकित जोशी तो खुद शिकार बन गया...अंकित जोशी की ओर से उनके परिवार की महिला का कहना है कि हमारे पूरे परिवार पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो गलत है। पूरा मामला अंकित जोशी और भावेश देवगिरी (बुआ का लड़का) यानि दो लोगों के बीच लेनदेन का है।

पैसे अंकित जोशी के नाम से भावेश ने बाजार से ब्याज पर उठाए और गबन कर दिए। जनवरी 2026 में अंकित ने खाते जांचे तो इसका खुलासा हुआ। दूसरे पक्ष ने हमें पैसे चुकाने के लिए छह महीने का समय दिया था, जो कि सितंबर 2026 में पूरा होता। इसके बाद हम पैसे नहीं देते तो हमारे खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए दूसरा पक्ष स्वतंत्र है। बावजूद इसके इससे पहले ही हम पर आरोप लगाए जाने लगे। हमारे पास सारे एग्रीमेंट है।

रेप केस में फंसाने की दी धमकी
शिकायत करने पहुंचे पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अंकित जोशी से अपने पैसे मांगे तो उन्हें धमकाया गया। झूठे केस में फंसाने से लेकर रेप जैसे गंभीर मामलों में उलझाने की चेतावनी तक दी गई।

जिन लोगों पर बंधक बनाने का आरोप लगाया गया था, उनके मुताबिक वे तो अपने पैसे मांगने के लिए अंकित के घर पहुंचे थे। उन्हें ही फर्जी केस में फंसा दिया गया। पीड़ितों ने दावा किया है कि उनके पास हर ट्रांजैक्शन के पुख्ता सबूत मौजूद हैं।

चाहे वह ऑनलाइन पेमेंट हो या कैश का लेन-देन। उन्होंने साफ कहा कि जांच में सारे दस्तावेज पेश किए जाएंगे और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

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