पोल पर झूलता मकड़जाल दे रहा नई तबाही की दस्तक: ब्रजेश्वरी एनेक्स में अग्निकांड के बाद भी नहीं पसीजा सिस्टम
KHULASA FIRST
संवाददाता

कागजों में सिमटी जांच, ड्रेनेज की सड़ांध से रहवासियों का जीना मुहाल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
ब्रजेश्वरी एनेक्स में मनोज पुंगलिया के हंसते-खेलते परिवार को लीलने वाली आग की लपटें ठंडी भी नहीं हुई थीं कि जिम्मेदार विभागों ने संवेदनहीनता की हद पार कर दी। एक तरफ जांच दल गठित कर कागजी खानापूर्ति का ढोंग रचा जा रहा है, दूसरी तरफ उसी घटनास्थल के पास नारकीय हालात सिस्टम के मुंह पर तमाचा जड़ रहे हैं।
जिस घर से अर्थियां उठीं, उसके ठीक बाहर आज भी ड्रेनेज का बदबूदार पानी सैलाब बनकर सड़क पर बह रहा है। नगर निगम जोन-19 के अफसरों की कार्यप्रणाली इस कदर पंगु हो चुकी है कि रहवासियों की दर्जनों शिकायतों के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
भ्रष्टाचार का सिंडिकेट: बिजली के खंभों पर मौत का जाल बिछाने वाले केबल और नेटवर्क माफियाओं को विभाग की मूक स्वीकृति है। बिना किसी ठोस सुरक्षा ऑडिट और नियम विरुद्ध तरीके से खंभों का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है।
मामले की निष्पक्ष जांच हो तो भ्रष्टाचार के ऐसे सिंडिकेट का खुलासा होगा, जिसने चंद रुपए के खातिर इंसानी जानों को दांव पर लगा रखा है।
नगर निगम के कानों पर नहीं रेंग रही जूं
एडवोकेट मनोज शर्मा ने खुलासा फर्स्ट के समक्ष व्यवस्थाओं की नग्न तस्वीर पेश करते हुए तीखे सवाल खड़े किए। खुलासा किया कि 17 जून 2024 से लगातार इस दलदल और प्रशासनिक अव्यवस्था के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं, लेकिन निगम के जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
वर्षों से पुंगलिया परिवार के घर के पास पॉवर-फ्लो ड्रेनेज का गंदा पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे बीमारियों का खतरा होने के साथ ही यह प्रशासन के उन तमाम दावों का खुलासा करता है, जो बंद कमरों में विकास के नाम पर किए जाते हैं।
अगला अग्निकांड किसी भी वक्त!
इधर, रहवासी विकास जुनेजा ने विद्युत वितरण कंपनी और नगर निगम की उस मिलीभगत का खुलासा किया है, जो किसी भी वक्त एक और बड़े अग्निकांड की पटकथा लिख सकती है। भीषण हादसे के इतने दिन बाद भी बिजली के खंभों पर केबल और फाइबर नेटवर्क के तारों का बेतरतीब जाल उसी तरह फैला है, जिसने पुंगलिया परिवार का सब कुछ छीन लिया।
गर्मी के इस मौसम में ये तार किसी सुलगते हुए बारूद से कम नहीं हैं। छोटी-सी चिंगारी यहां फिर से मातमी माहौल बना सकती है, लेकिन बिजली कंपनी के अफसरों को शायद किसी और बड़ी अनहोनी का इंतजार है।
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