तनाव के बीच कोरोना की वापसी: 23 देशों में फैला नया वैरिएंट; जानिए कितना है खतरनाक
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दुनिया पहले से ही अस्थिर माहौल का सामना कर रही है। इसी बीच कोविड-19 के एक नए वैरिएंट को लेकर चिंता जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘Cicada’ नाम से चर्चित यह वैरिएंट धीरे-धीरे कई देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
23 देशों में पहुंचने का दावा, अमेरिका में ज्यादा चर्चा
बताया जा रहा है कि BA.3.2, जिसे ‘Cicada’ कहा जा रहा है, ओमिक्रॉन परिवार का ही एक उप-वैरिएंट है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह 20 से ज्यादा देशों में पाया गया है और अमेरिका में इसकी निगरानी के दौरान संकेत मिले हैं। हालांकि, इस पर अभी वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की स्पष्ट पुष्टि सीमित है।
स्पाइक प्रोटीन में कई म्यूटेशन देखे
विशेषज्ञों के अनुसार, इस वैरिएंट में स्पाइक प्रोटीन में कई म्यूटेशन देखे गए हैं। स्पाइक प्रोटीन ही वह हिस्सा होता है, जिससे वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है। ज्यादा म्यूटेशन होने से संक्रमण की क्षमता बदल सकती है। वैक्सीन की पहचान क्षमता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए अभी और शोध की जरूरत है।
वेस्टवॉटर मॉनिटरिंग से मिले संकेत
अमेरिका में सीवेज सैंपल्स की जांच के जरिए वायरस के संकेत मिलने की बात कही जा रही है। यह तकनीक महामारी की शुरुआती चेतावनी देने में उपयोगी मानी जाती है, लेकिन यह हमेशा संक्रमण की गंभीरता को सीधे नहीं दर्शाती।
‘Cicada’ नाम क्यों?
इस वैरिएंट का नाम ‘Cicada’ एक कीड़े से प्रेरित बताया जा रहा है, जो लंबे समय तक छिपा रहता है और अचानक सामने आता है। इसी तरह इस वैरिएंट के “अंडर द राडार” फैलने का दावा किया जा रहा है।
भारत की स्थिति
भारत में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। INSACOG के अनुसार, देश में अलग-अलग ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स के मामले मिलते रहते हैं। फिलहाल तक किसी नए वैरिएंट से बड़े स्तर पर खतरे की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि, अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के कारण नए वैरिएंट के आने की संभावना हमेशा बनी रहती है।
क्या मौजूदा वैक्सीन काम करेंगी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा वैक्सीन गंभीर बीमारी और मृत्यु से बचाव में अब भी प्रभावी हैं। नए वैरिएंट के खिलाफ उनकी प्रभावशीलता थोड़ी कम हो सकती है। बूस्टर डोज अब भी महत्वपूर्ण है।
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