सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव सत्ता में बने रहने की साजिश था: प्रियंका गांधी का आरोप; विपक्ष के विरोध को बताया लोकतंत्र की जीत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लोकसभा में लाया गया सीटें बढ़ाने और परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव सत्ता में बने रहने की रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विरोध के कारण यह बिल पास नहीं हो सका और यह लोकतंत्र की जीत है।
शुक्रवार को लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन बिल पेश किया गया था, जिसके तहत संसद की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर करीब 850 करने का प्रस्ताव था। हालांकि यह बिल पारित नहीं हो सका और 54 वोटों से गिर गया।
प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया सत्ता में बने रहने की साजिश के तहत तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश थी कि अगर विपक्ष इसका विरोध करे तो उसे महिला विरोधी साबित किया जाए, जबकि असल उद्देश्य राजनीतिक फायदा लेना था।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान कई बार ऐसे शब्दों का प्रयोग हुआ जिससे लगा कि असहमति जताने वालों को सदन में बैठने नहीं दिया जाएगा। इससे विपक्ष को सरकार की मंशा पर संदेह हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि परिसीमन का मुद्दा महिलाओं के नाम पर लाया गया था, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य सत्ता संतुलन को प्रभावित करना था और इसे 2029 तक टालने की कोशिश की जा रही थी।उन्होंने कहा कि यदि बिल पास हो जाता तो इसे सरकार अपनी उपलब्धि बताती और अगर विरोध होता तो विपक्ष को बदनाम किया जाता। प्रियंका गांधी ने कहा कि वह खुश हैं कि विपक्ष ने एकजुट होकर इसका विरोध किया और बिल पास नहीं होने दिया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया।
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