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स्टेडियम से लाइव बैटिंग का नया खेल: गंदा है पर धंधा है

KHULASA FIRST

संवाददाता

01 अप्रैल 2026, 4:18 pm
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स्टेडियम से लाइव बैटिंग का नया खेल

इंदौर में सक्रिय नेटवर्क पर पुलिस की नजर, रतलाम कनेक्शन की भी चर्चा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
क्रिकेट सट्टेबाजी की दुनिया अब मोबाइल और बंद कमरों से निकलकर सीधे स्टेडियम की सीटों तक पहुंच चुकी है। शहर में इन दिनों पिच-साइड लाइव बैटिंग का एक नया और बेहद खतरनाक ट्रेंड चर्चा में है, जिसमें सटोरिए मैच के दौरान स्टेडियम में बैठकर टीवी प्रसारण से पहले मिलने वाले 10 से 15 सेकंड के टाइम गैप का फायदा उठाकर बड़े दांव लगा रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह खेल केवल सट्टे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए बुकियों को लाखों की चपत लगाने, रेट से छेड़छाड़ करने और बाद में विवाद व दबाव बनाने तक की बातें सामने आ रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के पीछे रतलाम से जुड़े नितेश तालेरा उर्फ पिंकू मिर्ची का नाम चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह देशभर के बड़े बुकियों से सट्टे की आईडी हासिल कर उन्हें अपने नेटवर्क में सक्रिय लोगों तक पहुंचाता है। इसके बाद उसके लोग स्टेडियम के अंदर मौजूद रहकर मैच की हर गेंद, चौके, छक्के और विकेट पर टीवी प्रसारण से पहले दांव लगाते हैं। चूंकि टीवी पर मैच कुछ सेकंड की देरी से दिखता है, इसलिए यह गैप ही इस ‘लाइव बैटिंग’ का सबसे बड़ा हथियार बन गया है।

ऐसे होता है पूरा खेल
जानकार बताते हैं कि स्टेडियम में बैठा व्यक्ति जैसे ही देखता है कि अगली गेंद पर चौका, छक्का या विकेट हुआ, वह उसी क्षण मोबाइल के जरिए दांव लगा देता है। जबकि टीवी पर वही दृश्य कुछ सेकंड बाद दिखाई देता है। इस दौरान बड़े बुकियों की आईडी पर रेट अपडेट होने से पहले लाखों रुपए का सौदा डाल दिया जाता है।

अगर सौदा पास हो गया तो सामने वाले बुकी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि कई बार जब बुकी को नुकसान होने का अहसास होता है, तो वह ऐसे सौदों को रद्द या होल्ड करने की कोशिश करता है। यहीं से शुरू होता है असली विवाद। आरोप हैं कि ऐसे मामलों में कुछ लोग धमकी, दबाव और वसूली का सहारा लेकर बुकियों पर सौदा मान्य करने का दबाव बनाते हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इंदौर बना नया बेस?
सूत्रों के मुताबिक, रतलाम से जुड़े नितेश तालरेजा उर्फ पिंकू मिर्ची इस नेटवर्क ने अब इंदौर को भी अपना ऑपरेटिंग बेस बना लिया है। यह भी चर्चा है कि संबंधित व्यक्ति पहले भी क्रिकेट सट्टे के मामलों में पुलिस की कार्रवाई झेल चुका है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में क्रिकेट सट्टे के मामले में उसका नाम सामने आया था।

इसके अलावा इंदौर और रतलाम के अन्य थानों में भी उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ‘लाइव बैटिंग’ का यह मॉडल पारंपरिक सट्टेबाजी से कहीं ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि इसमें मैच के लाइव एक्शन, तकनीक, स्टेडियम एक्सेस और संगठित नेटवर्क-सबका इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि यह मामला सिर्फ गैरकानूनी सट्टे तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि आगे चलकर स्पॉट फिक्सिंग, मैच इंटेलीजेंस लीक और आपराधिक दबाव जैसे गंभीर जोखिम भी पैदा कर सकता है।

पुलिस की नजर, जांच की चर्चा

सूत्रों का दावा है कि इंदौर पुलिस तक इस लाइव बैटिंग मॉड्यूल की शुरुआती जानकारियां पहुंच चुकी हैं और तकनीकी स्तर पर कुछ इनपुट भी जुटाए जा रहे हैं। अगर जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े मोबाइल, चैट, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और डिजिटल पेमेंट ट्रेल तक पहुंचती हैं, तो शहर में सक्रिय लाइव सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस पूरे मामले में कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि अगर यह नेटवर्क वैसा ही है जैसा सूत्र बता रहे हैं, तो आने वाले दिनों में इंदौर-रतलाम सट्टा कनेक्शन पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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