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कीर्तन कल्चर का नया दौर, प्रबल प्रताप सिंह तोमर: फीनिक्स सिटाडेल में आज गूंजेगा हरे कृष्ण

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 अप्रैल 2026, 6:22 pm
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कीर्तन कल्चर का नया दौर, प्रबल प्रताप सिंह तोमर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कीर्तनकार राधिका दास आज अपने बहुप्रतीक्षित साइलेंस इन साउंड कीर्तन टूर के तहत इंदौर में लाइव प्रस्तुति देंगे। शहर के प्रतिष्ठित फीनिक्स सिटाडेल मॉल में शाम 7 बजे से होने वाले इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं, युवाओं और संगीत प्रेमियों के शामिल होने की उम्मीद है।

यह आयोजन ड्रॉप लाइव और ईवा लाइव जीतो यूथ के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक जीवनशैली के बीच आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राधिका दास के कीर्तन वीडियो लाखों बार देखे जा चुके हैं। सरल भाषा, मधुर संगीत और सकारात्मक संदेश ने उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।

आयोजक प्रबल प्रताप सिंह तोमर ने कहा राधिका दास केवल एक कीर्तनकार नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। मेट्रो संस्कृति की ओर बढ़ते इंदौर में क्लब कल्चर और भागदौड़भरी जीवनशैली के बीच कीर्तन कल्चर युवाओं के लिए मानसिक शांति का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।

राधिका दास का यह कीर्तन कार्यक्रम न केवल भक्ति का संदेश देगा, बल्कि युवाओं को जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मकता अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगा। इसमें हरे कृष्ण और अन्य भक्ति गीतों के माध्यम से सामूहिक कीर्तन किया जाएगा। उपस्थित लोग इस भक्तिपूर्ण वातावरण में स्वयं को पूरी तरह डूबा हुआ महसूस करेंगे।

उन्होंने कहा आज कॅरियर की दौड़, तनाव और नशे जैसी प्रवृत्तियां युवाओं के जीवन में प्राथमिकता बनती जा रही हैं। ऐसे समय में यह कार्यक्रम उन्हें आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन पाने की दिशा में प्रेरित करेगा। इसमें मंत्रोच्चार, ध्यान और भक्ति संगीत के माध्यम से मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव कराया जाएगा।

आज की भागदौड़भरी जिंदगी में जहां लोग तनाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, वहीं इस तरह के आयोजन उन्हें भीतर से जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा से भरने का अवसर प्रदान करते हैं।

युवाओं को सनातन संस्कृति व अध्यात्म से जोड़ना है उद्देश्य
राधिका दास आज विश्व स्तर पर भक्ति योग और कीर्तन के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने जीवन को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और नाम संकीर्तन के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया है। यूके, यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई देशों में उनके कार्यक्रमों को अपार सराहना मिली है।

उनके कीर्तन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक भक्ति संगीत के साथ आधुनिक धुनों का अनूठा समावेश देखने को मिलता है। आधुनिक कीर्तन शैली के माध्यम से वे युवाओं को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिकता से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

फीनिक्स सिटाडेल में होने वाले इस दिव्य संकीर्तन कार्यक्रम में लाइव मंत्र संगीत, सामूहिक जप और ध्यान के माध्यम से शांतिपूर्ण और ऊर्जावान वातावरण तैयार किया जाएगा, जो पारंपरिक कांसर्ट से बिलकुल अलग अनुभव देगा।

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